पुलिस पर पथराव करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
पूरी रात जागे, सुबह छह बजे सोये डीएम, एसएसपी
इस पूरे प्रकरण पर डीएम राकेश कुमार सिंह एवं एसएसपी अमित पाठक ने पैनी निगाह बनाए रखी। इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर इनकी अदालत में पेशी और जेल जाने की प्रक्रिया के बाद ही अधिकारियों को चैन आया। अन्य अधिकारियों के साथ ही ये दोनों भी पूरी रात जागे और जब आरोपी जेल चले गए तब सुबह साढ़े पांच बजे ये दोनों सोने के लिए गए।
कहीं थाने पर न उमड़ जाए हुजूम, इसलिए बरती सावधानी
इस प्रकरण में पुलिस ने फूंक-फूंक कर कदम रखा। चूंकि थाना नागफनी से चंद कदम की दूरी पर ही यह बवाल हुआ था और सारे आरोपी भी थाना नागफनी पर ही थे, इसलिए पुलिस को यह आशंका थी कि सुबह होते ही थाने पर भीड़ न उमड़ आए। कहीं मामला बिगड़ न जाए और भीड़ बेकाबू न हो जाए। इस तरह का इनपुट भी पुलिस को मिल रहा था। ऐसे में पुलिस ने इस कदर सावधानी बरती कि दिन निकलने से पहले ही पकड़े गए सारे आरोपी जेल जा चुके थे।
जेल में किए गए क्वारंटीन
सभी 17 आरोपियों को जेल में भी क्वारंटीन किया गया है। चूंकि ये सभी उस मुहल्ले से आए हैं जो हॉट स्पॉट है और वहां एक कोरोना पॉजिटिव की मौत हो चुकी है। जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि इन सभी को जेल में ही अलग रखा गया है।