फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

... तो अपनी राजनीतिक जमीन पर राजपाल को फसल नहीं काटने देना चाहते पूर्व सांसद सर्वेश

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में ठाकुरद्वारा ब्लॉक से भाजपा प्रत्याशी की हार और पूर्व सांसद समर्थित उम्मीदरवार की जीत ने एक बार फिर जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद को आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन

भाजपा के पूर्व सांसद सर्वेश सिंह और पार्टी जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान के बीच अदावत कोई नई नहीं है। इसकी शुरूआत वर्ष 2014 में ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उप चुनाव से हुई। इस सीट से पांच बार विधायक रहे सर्वेश सिंह वर्ष 2014 में सांसद चुने गए तो इस सीट पर उप चुनाव हुआ। तब राजपाल सिंह चौहान भाजपा उम्मीदवार के रूप में ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। सूत्र बताते हैं कि सर्वेश नहीं चाहते थे कि उनकी राजनीतिक जमीन से कोई दूसरा व्यक्ति फसल काटे, लिहाजा उन्होंने पार्टी प्रत्याशी होने के बावजूद राजपाल सिंह चौहान का समर्थन नहीं किया। जिसके चलते राजपाल चुनाव हार गए। 2017 से दोबारा इसी सीट से राजपाल सिंह चौहान मैदान में उतरे और फिर हार का सामना करना पड़ा।
सर्वेश सिंह की सियासी पकड़ इसलिए भी मजबूत मानी जा रही है क्योंकि उनके पिता रामपाल सिंह भी विधायक और सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा उनका बेटा सुशांत भी बिजनौर जिले की बढ़ापुरा सीट से विधायक है। सूत्र बताते हैं कि सर्वेश सिंह अपने बेटे को ठाकुरद्वारा से ही विधानसभा चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन पार्टी हाई कमान ने उसे बढ़ापुर से टिकट दे दिया था। राजनीतिक हलको में चर्चा यह भी है कि सर्वेश सिंह ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से अपने ही परिवार के किसी सदस्य को आगे चुनाव लड़ाना चाहते हैं। 2022 के चुनाव से पहले भाजपा इन धुरविरोधियों में सामंजस्य कैसे बैठाती है इस पर सभी की नजर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें