मुरादाबाद। विधि संकाय में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों में बहुत उत्साह है। केजीके कालेज में तीन सौ सीटों की अपेक्षा 14 सौ विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इन विद्यार्थियों को इस वर्ष ईडब्ल्यूएस का फायदा मिलेगा। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने कालेजों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। हालांकि बीबीए और बीसीए के विद्यार्थी परिणाम जारी न होने की वजह से इस प्रवेश प्रक्रिया में प्रतिभाग करने से वंचित रह गए हैं। मीडिया प्रभारी का कहना है कि सभी महाविद्यालयों में दस फीसदी अतिरिक्त सीटें हो जाएंगी।
मुरादाबाद में केजीके कालेज विधि संकाय संचालित करने वाला अकेला अशासकीय महाविद्यालय है। यहां पर प्रवेश के लिए विद्यार्थियों में होड़ लगी है। अब तक तीन सौ सीटों की अपेक्षा 1478 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। प्रवेश प्रभारी डॉ. सुकृति त्यागी ने बताया कि पिछले वर्ष बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने विद्यार्थियों को ईडब्ल्यूएस का लाभ देने से इनकार कर दिया था। गत वर्ष 15 जुलाई को प्रवेश संपन्न हो गए थे, लेकिन बाद में बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने नियम में संशोधन किया था। इस वर्ष भी पंजीकरण के समय इस नियम को लागू नहीं किया गया था। इसकी वजह से विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय से मांग की थी। विद्यार्थी हित को देखते हुए शुक्रवार को प्रवेश के समय विद्यार्थियों को ईडब्ल्यूएस का लाभ देने के निर्देश विवि अधिकारियों ने दिए हैं। अब कालेज में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 30 अतिरिक्त सीटें हो गई हैं। कालेज में फार्म सत्यापन का कार्य चल रहा है। इसमें बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने आय प्रमाण पत्र आवेदन फार्म में संलग्न नहीं किया है। उन्हें फोन कर सूचित किया जा रहा है। नौ नवंबर शाम को मेरिट जारी करने की योजना है।
13 से 18 तक रहेगा अवकाश
डॉ. सुकृति त्यागी का कहना है कि प्रवेश के समय सभी विद्यार्थी को व्यक्तिगत रूप से कालेज में अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ आना होगा। उन्होंने बताया कि 13 से 18 नवंबर तक विश्वविद्यालय का दीपावली का अवकाश है। 20 नवंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं। ऐसे में मेरिट जारी कर प्रवेश लेने के लिए सिर्फ पांच दिन का समय मिलेगा, जिसमें प्रक्रिया पूर्ण करना चुनौती है।
बीबीए-बीसीए के विद्यार्थी वंचित
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक बीबीए और बीसीए का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया है। इसकी वजह से विधि संकाय में प्रवेश के लिए आवेदन करने से दोनों पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी वंचित रह गए हैं। मीडिया प्रभारी विश्वविद्यालय डॉ. अमित सिंह ने बताया कि सबसे पहले बीएड का परिणाम जारी कर अंकतालिका देने की प्राथमिकता है, क्योंकि 27 नवंबर को शिक्षकों की नियुक्ति लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र आयोग में जमा करने हैं। यदि परिणाम में देरी हुई तो अंकतालिका के अभाव में अभ्यर्थी नियुक्ति नहीं ले पाएंगे। इसके बाद बीबीए-बीसीए का परिणाम कब तक जारी होगा इसके संबंध में सोमवार को स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।