मुरादाबाद। पुलिस कांस्टेबल की सीधी भर्ती में जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड से फिजिकल अनफिट अभ्यर्थियों के मंडलीय बोर्ड से क्लीन चिट देने के गोलमाल की परत दर परत खुल रही हैं। मुरादाबाद ही नहीं बल्कि मंडल के दूसरे जिलों के अभ्यर्थियों के री-मेडिकल में भी कई झोल सामने आए हैं। अमरोहा, रामपुर और संभल जिलों के री-मेडिकल में 14 अभ्यर्थियों के रिजेक्ट होते ही एडी कार्यालय ने एक ही दिन बाद बोर्ड पैनल के चिकित्सकों को बदल दिया गया। हटाए गए पैनल में मुरादाबाद के वहीं चिकित्सक शामिल थे जिन्होंने मुरादाबाद के अभ्यर्थियों को अनफिट किया था। पैनल बदले जाने से एडी कार्यालय पर भ्रष्टाचार को लेकर अंगुलियां उठ रही हैं। हालांकि पैनल से बदले गए डाक्टर और नए पैनल में शामिल डाक्टरों ने चुप्पी साध ली है।
मुरादाबाद जिले की कांस्टेबल भर्ती में जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड से अनफिट अभ्यर्थियों के मंडलीय बोर्ड से क्लीन चिट मिलने के बाद मामला सुर्खियों में है। मुरादाबाद जिले से कुल 215 अभ्यर्थियों का जिला स्तरीय बोर्ड से मेडिकल हुआ। इनमें 18 अभ्यर्थी मेडिकल में शामिल ही नहीं हुए थे। नौ अभ्यर्थियों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट थी और नौ अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे। जबकि 21 अभ्यर्थियों को बोर्ड ने अनफिट कर दिया था। अनफिट में 15 अभ्यर्थियों के पैर टेढ़े, चार अभ्यर्थियों की आंखों की वजह से और दो अभ्यर्थियों को ईएनटी चिकित्सक ने रिजेक्ट किया था। हैरत की बात यह रही कि मंडलीय री-मेडिकल में जिला बोर्ड से रिजेक्ट अभ्यर्थी फिट हो गए।
मुरादाबाद जिले के इस गोलमोल के खुलासे के बाद मंडल के अन्य जिलों से रिजेक्ट अभ्यर्थियों के पास होने की पोल भी खुलने लगी है। री-मेडिकल में अनफिट अभ्यर्थियों को फिट किए जाने से अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय पर अंगुली उठने लगी है। अमरोहा, संभल और रामपुर के रिजेक्ट अभ्यर्थियों के री-मेडिकल में अचानक मंडलीय बोर्ड पैनल के डाक्टरों को एक दिन बाद ही हटा दिया गया।
ये चिकित्सक थे पैनल में
इन जिलों के 50 अभ्यर्थियों के री-मेडिकल के लिए मंडलीय बोर्ड में मुरादाबाद पुलिस अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अजय शर्मा, जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. तेज सिंह और ईएनटी सर्जन डा. एसके चौधरी को शामिल किया था। ये तीनों डाक्टर मुरादाबाद के जिला स्तरीय बोर्ड में शामिल रहे थे। तीनों डाक्टरों ने अमरोहा, संभल और रामपुर के 14 अभ्यर्थियों को मंडल से भी रिजेक्ट कर दिया। 14 अभ्यर्थी रिजेक्ट करते ही एडी कार्यालय ने दूसरे दिन ही मुरादाबाद के तीनों डाक्टरों को हटाकर पैनल बदल दिया। मेडिकल की प्रक्रिया तीन दिन चली। दो दिन मेडिकल प्रक्रिया नए डाक्टरों के पैनल ने पूरी की। तीसरे दिन पैनल क्यों बदला गया, हटाए गए डाक्टरों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। सूत्रों के मुताबिक री-मेडिकल में एडी कार्यालय का सीधे दखल था। कोई भी नहीं चाहता था कि री-मेडिकल में किसी भी अभ्यर्थी को रिजेक्ट किया जाए। एडी डा. सत्य सिंह से इस मामले में पक्ष जानने के लिए फोन किया। उनसे बात नहीं हो सकी। खबर प्रकाशित होने के बाद यदि एडी हेल्थ अपना पक्ष रखना चाहेंगे तो प्रकाशित किया जाएगा।