मुरादाबाद। कोरोना वायरस की वजह लोग परेशान हैं। हर रोज नए केस सामने आ रहे हैं। इस कोरोना काल में जहां कुछ जोड़े सादग से शादियां कर रहे हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो दहेज कम मिलने की वजह से महीनों से चल आ रहे रिश्ते को तोड़ने पर आमादा हैं। महिला थाना और नारी उत्थान केंद्र में दस ऐसे ही मामलों की काउंसलिंग चल रही है। महिला थाना प्रभारी ज्योति सिंह ने बताया कि कई मामलों के शिकायती पत्र आए हैं। दोनों पक्षों को काउसंलिंग कराई जा रही है। ताकी रिश्ते टूटने से बच जाएं और शादियां हो जाएं। अगर दोनों पक्षों में समझौता नहीं होता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मझोला के जयंतीपुर निवासी पीतल कारीगर ने अपनी बेटी का रिश्ता जनवरी माह में करूला निवासी युवक से तय किया था। अप्रैल माह में शादी होनी थी, लेकिन लॉक डाउन की वजह से शादी नहीं हो पाई। जून माह में पीतल कारीगर ने युवक के परिवार से संपर्क किया और शादी की तारीख दोबारा तय करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक और उसके परिवार के लोगों ने कहा कि बारात में कम लोग आएंगे। उन्होंने कहा कि खाने पर खर्च होने का पैसा अब उन्हें नकद चाहिए। अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम शादी नहीं करेंगे। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया। एसएसपी ने प्रार्थना पत्र को नारी उत्थान केंद्र में भेज दिया।
भोजपुर निवासी युवती का रिश्ता पीतल बस्ती निवासी युवक से तय हुआ था। पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर है। लॉक डाउन की वजह से आर्थिक स्थिति और खराब हो गई। लड़के वाले दहेज की मांग कर रहे हैं। दहेज के सामान के साथ ही दो लाख नकद भी मांग रहे हैं। दोनों पक्षों की पंचायत बैठी, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इसके बाद पिता ने महिला थाने पहुंच कर प्रार्थना पत्र दे दिया है।
मूंढापांडे के गांव निवासी किसान ने बेटी का रिश्ता तय किया था। लॉक डाउन में शादी नहीं हो पाई। पिता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि अब लड़के ने दूसरी जगह रिश्ता तय कर लिया है।
अगवानपुर निवासी किसान ने अपनी बेटी का रिश्ता अमरोहा में किया था। अब युवक बुलेट मोटर साइकिल की मांग कर रहा है।