कांठ। खादर क्षेत्र से होकर निकल रही रामगंगा नदी का बढ़ा जलस्तर अब धीरे-धीरे स्थिर होने लगा है, लेकिन नदी ने खेतों में कटान की रफ्तार को तेज कर दिया है। जिससे खादर क्षेत्र के किसान परेशान हैं। उनकी फसलें नदी में समा रही हैं। जिससे काफी नुकसान हो रहा है।
कांठ के गांव बहादरपुर खद्दर के ग्राम पंचायत प्रशासक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम तो हो रहा है, लेकिन नदी खेतों में तेजी से कटान कर रही है। दरियापुर के अमीचंद्र सैनी ने बताया कि कई दिन से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, अभी गांव तक कोई खतरे ही बात नहीं है, पानी नदी की हद में ही है। गोपालपुर के मनोहर सिंह का भी कहना है कि रामगंगा नदी का जलस्तर अब कम है, लेकिन कटान से किसान परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर तहसील क्षेत्र से होकर निकल रहीं करूला नदी और गांगन नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ चल रहा है। इन नदियों पर बने रपटा पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण कांठ क्षेत्र में रामगंगा नदी सहित करूला, सुंदरी और गांगन नदियों का भी जलस्तर काफी बढ़ा हुआ चल रहा है। ऐसे में अलर्ट भी घोषित किया हुआ है। जहां क्षेत्र में सभी छह बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर हैं तो वहीं कांठ की एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर खादर क्षेत्र में लेखपालों की ड्यूटियां भी निर्धारित की हैं। इसी के साथ मंगलवार को तहसील में बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी खोला गया है। जिसका हेल्पलाइन नंबर 915912974411 भी जारी किया गया है। इसी के साथ इस पर एसडीएम और तहसीलदार के नंबर भी अंकित किए गए हैं। संवाद