राज्यरानी एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के बाद हादसे की वजह को लेकर रेलवे के एक अभियंता और आरपीएफ के एक अफसर में बहस हो गई। रेलवे अभियंता द्वारा किसी ऑब्जेक्ट के फ्लेंच में टकराने की वजह से हादसा होने बताया जा रहा है तो आरपीएफ अफसर द्वारा पटरी में फ्रेक्चर के कारण हादसा होना बताया जा रहा था।
इसी को लेकर दोनों में बहस हो गई। हालांकि रेलवे अभियंता द्वारा हादसे का यही कारण डीआरएम को भी बताया गया। राज्यरानी एक्सप्रेस के डिरेलमेंट की घटना पटरी में फ्रेक्चर या किसी साजिश के तहत हुई इसको लेकर पूरे दिन अफसरों में विरोधाभास रहा।
रेलवे के एक अभियंता ने जब मौका मुआयना किया तो उसने किसी ऑब्जेक्ट के टकराने के बाद फ्लेंच टूटनेइ की बात कही। जबकि आरपीएफ अफसर इससे इंकार कर रहे थे। आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट एके बर्णवाल और रेलवे के एक मंडलीय अभियंता के बीच हादसे के कारण को लेकर बहस हो गई।
इसके बाद रेलवे अभियंता द्वारा डीआरएम प्रमोद कुमार को भी यह बताया गया कि करीब तीस एमएम की किसी रॉड या अन्य आब्जेक्ट के पहिये से टकराने के बाद फ्लेंच पर चला और फ्लेंच को हिट करने के बाद ट्रेन पटरी से उतर गई। जिसका निशान पड़ा हुआ था और एक टुकड़ा मौके पर मिला भी।
घटना के बाद करीब 280 मीटर ट्रैक क्षतिग्रस्त हुआ और 260 स्लीपर बदले गए। मरम्मत के लिए रोजा से एआरटी मंगाई गई। उधर राज्यरानी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के कुछ देर बाद ही हापुड़ से भी एक खबर आ गई।
हापुड़ में रेलवे ट्रैक से क्लिप गायब होने और रामपुर में ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद इसे सीरियल रेल हादसों की साजिश की नजर से देखा जाने लगा। जिस पर एटीएस से लेकर बम स्क्यॉवड तक की टीम एक्टिव हो गई।