मुरादाबाद। सहायक ड्राइवर के 349 पदों को भरने के लिए रेलवे प्रोन्नति परीक्षा का आयोजन करेगा। इसके सापेक्ष 695 कर्मचारियों ने आवेदन कर दिया है जो रेलवे के अलग-अलग विभागों में कार्यरत हैं। इसमें से 115 युवा ऐसे हैं जिनके पास परीक्षा में बैठने के लिए अनिवार्य डिग्री या डिप्लोमा है। इसके बावजूद उन्हें अयोग्य घोषित किया गया है।
इनमें कई ट्रैक मेंटेनर व प्वाइंट्समैन भी शामिल हैं। इनकी भर्ती 12वीं कक्षा की मार्कशीट के आधार पर हुई है। प्रोन्नति के लिए कम से कम डिप्लोमा या डिग्री की जरूरत है। विभागीय रिकॉर्ड में इनकी डिग्री या डिप्लोमा नहीं लगा है जिस कारण इन्हें परीक्षा में बैठने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। अब यह युवा अपने दस्तावेज लेकर डीआरएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कार्यालय से इन्हें बताया गया है कि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने होंगे। साथ ही संबंधित विश्वविद्यालय से सत्यापन पत्र लाना होगा। इसके बाद विभागीय अधिकारी इस संबंध में पत्र जारी करेंगे और कार्मिक विभाग में दस्तावेज अपलोड हो जाएंगे।
नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि मंडल में ऐसे 115 कर्मचारी परेशान हैं। इन कर्मचारियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए रेल प्रशासन से अपील की गई है। उम्मीद है कि जो कर्मचारी अपने दस्तावेज अपलोड करा लेंगे, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। वर्तमान सूची के मुताबिक केवल 580 कर्मचारी ही परीक्षा में बैठने के लिए योग्य हैं। वहीं रेल प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।