मुरादाबाद। महिलाओं को पुरुषों के समान माैके देने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। पिछले आठ साल में सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित किए गए रोजगार मेलों में महिलाओं और पुरुषों मिलीं नाैकरियां असमानता की गवाह हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले आठ साल में सेवायोजन विभाग द्वारा कुल 14 हजार लोगों को नौकरियां दी गईं, इनमें सिर्फ 369 महिलाएं हैं यानी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या तीन फीसदी भी नहीं है।
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विधानसभा से संसद तक पक्ष-विपक्ष में बहस छिड़ी रहती है, लेकिन नाैकरी की दाैड़ में आज भी महिलाएं पीछे रह रही हैं। सेवायोजन विभाग के अधिकारी रोजगारों मेलों में महिलाओं को नाैकरी न मिलने की मुख्य वजह उनके पास तकनीकी डिप्लोमा का अभाव बता रहे हैं।
सेवायोजन विभाग के अनुसार पिछले आठ साल में जिले में विभिन्न स्थानों पर 32 से अधिक रोजगार मेले लगाए गए। इसमें 26 हजार युवा शामिल हुए और करीब 14 हजार को मेले के माध्यम से विभिन्न निजी कंपनियों में नौकरी दी गई। इसमें 369 महिलाएं हैं। निजी कंपनियों में नौकरी पाने वाली महिलाएं पुरुषों के मुकाबले न के बराबर हैं।
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महिलाओं के पास तकनीकी डिप्लोमा का अभाव
सेवायोजन विभाग के रोजगार मेला कोऑर्डिनेटर व वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार ने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने वाली महिलाओं के पास तकनीकी डिप्लोमा का अभाव रहता है। जो कंपनियां रोजगार मेले में आती हैं, उनमें अधिकतर को डिप्लोमा धारक की दरकार होती है। डिप्लोमा न होने के कारण अधिकतर महिला अभ्यर्थियों की नाैकरी नहीं लग पाती है। साथ ही कंपनियां नोएडा, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य जगहों की होती हैं। जिनकी नाैकरी लगती है, वह दूसरे शहर में जाने के बजाय नाैकरी छोड़ देती हैं। इसके कारण महिलाओं का आंकड़ा कम है।
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इन पदों पर होती है भर्ती
रोजगार मेले में निजी कंपनियां आती हैं। इन कंपनियों में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, मैकेनिक, मोटर व्हीकल आदि के पद होते हैं। रोजगार मेले में नौकरी हासिल करने वालों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्नातक, परास्नातक, बीएड कर चुके युवा शामिल होते हैं। इनका वेतन 8000 रुपये से 18500 रुपये तक होता है।
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वर्ष- प्रतिभागी अभ्यर्थी - चयनित अभ्यर्थी
2017-2018 - 1368-471
2018-2019 - 2145- 1131
2019-2020 -2021- 1076
2020-2021 -2500-1328
2021-2022 -2934-1451
2022-2023 -4739- 2212
2023-2024 -4734-2550
2024-2025 -5861- 3670
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रोजगार मेले में नोएडा, दिल्ली आदि जगहों की कंपनियां आती हैं। इंटरव्यू के आधार पर युवाओं का चयन किया जाता है। मेले में जो महिलाएं आती हैं, उनमें से अधिकतर का चयन हो जाता है। जागरूकता के माध्यम से कोशिश की जाती है कि अधिक से अधिक महिलाएं मेले में शामिल होकर योजना का लाभ लें। - डॉ. सुशील कुमार, सहायक निदेशक, सेवायोजन विभाग मुरादाबाद