राजाजी टाइगर रिजर्व की कांसरो रेंज के आसपास हाथियों के साथ होने वाले हादसों को रोकने के लिए ट्रेनों की रफ्तार 35 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। पिछले 17 साल के दौरान ट्रेन हादसों में 26 हाथियों की मौत हो चुकी है। यह रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी गई तो ट्रेनों की स्पीड कम करने का निर्णय लिया गया।
उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व की कांसरो रेंज में तेज रफ्तार से ट्रेन गुजरती हैं। पिछले माह 17 फरवरी की सुबह भी नंदा देवी एक्सप्रेस से कटकर एक हाथी की मौत हो गई थी। इस मामले में चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रेलवे ने इसका विरोध किया था। जिस पर उसी समय रेलवे, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की उत्तराखंड में बैठक हुई थी, जिसमें केस वापस लेने की बात कही गई थी।
इसके साथ ही रेल मंत्रालय की ओर से कांसरो से रायबाला के बीच 12 किलोमीटर तक ट्रेन की रफ्तार 35 किलोमीटर करने की सहमति बनी थी। डीआरएम ए के सिंघल ने बताया कि उनके डिवीजन की चार जोड़ी ट्रेनें इस पार्क से होकर गुजरती हैं।
2013 में हुई थी एक साथ दो हाथियों की मौत
मुरादाबाद। राजाजी टाइगर रिजर्व में वर्ष 2013 में दो हाथियों की रेलवे लाइन पर आने से ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। इस मामले में वन विभाग ने मोतीचूर रेंज में 13 जनवरी 2013 को ट्रेन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीआरएम को भेजा था नोटिस
उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक रेल सेवा शुरू होने के बाद ट्रेनों की गति कम नहीं करने पर राजाजी पार्क प्रशासन की ओर से नोटिस भेजा गया था। जिसमें ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों की फेंकी जाने वाली खाने पीने की चीजों की साफ सफाई कराने की बात कही गई थी।