लाइनपार हनुमान नगर निवासी शकुंतला देवी बदायूं में बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पैतृक संपत्ति शाहपुर तिगरी में हैं। महिला ने बताया कि पति शीशपाल की मौत के बाद 2001 में उस संपत्ति में शकुंतला देवी और उनके बेटे बिट्टू का नाम वारिसान के आधार पर दर्ज हो गया। जिसके बाद आधा हिस्सा पति के भाई जसवीर सिंह ने 2005 में बेच दी थी। शकुंतला देवी ने अपने हिस्से में ताला लगा रखा था। महिला ने बताया कि कोरोना काल में 2020 में लंबे समय के बाद जब वह बेटे के साथ उस संपत्ति पर पहुंची तो पता चला कि मझोला के चंदनगर निवासी सोहन सिंह, उसके बेटे रामरक्षपाल उर्फ बब्लू ने संपत्ति पर अपना ताला लगा लिया है। विरोध करने पर दोनों ने उस समय डरा धमका कर भगा दिया।
बाद में जब उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि आरोपी सोहन सिंह ने फर्जी एग्रीमेंट की मदद से बिजली विभाग से उस संपत्ति में बिजली कनेक्शन करा लिया है, ताकि अपना कब्जा दिखा सके। जब बिजली विभाग के अधिकारियों से कागजात निकलवाया गया तो पता चला कि आरोपी सोहन सिंह ने फर्जी कागजात की मदद से अपनी पत्नी क्रांति देवी के नाम से बिजली कनेक्शन लिया है। सच्चाई सामने आने पर बिजली विभाग ने कनेक्शन को रद्द कर दिया। इस बीच शकुंतला देवी ने जमीन का एग्रीमेंट अमित कुमार शर्मा और अखिलेश पांडेय को कर दिया। अब बैनामा कराने के लिए दोनों ने जमीन कब्जा मुक्त कराने की शर्त रख दी। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी सोहन सिंह, उसके बेटे रामरक्षपाल सिंह और पत्नी क्रांति देवी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने का केस दर्ज किया गया है।