पाकबड़ा। गौतमबुद्ध नगर में विद्युत निगम कर्मचारी की शादी समारोह से लौटते समय रास्ते में तबीयत खराब हो गई। साथियों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं। सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद शांत हुए परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार किया और शव लेकर चले गए।
गौतमबुद्धनगर के दादरी निवासी किरनपाल (42) विद्युत निगम में ड्राइवर के पद पर तैनात थे। किरनपाल सिंह अपने स्टॉफ के साथ बिजनौर जिले के स्योहारा से शादी समारोह में गए थे। पूरा स्टाफ शादी समारोह में शामिल होकर शुक्रवार तड़के तकरीबन पांच बजे गौतमबुद्धनगर लौट रहा था। गाड़ी चलाते समय अचानक किरनपाल सिंह की हालत बिगड़ने लगी। साथियों ने गाड़ी को पाकबड़ा के पास दिल्ली रोड स्थित एक होटल पर रुकवाया और किरनपाल को आराम करने के लिए चारपाई पर लिटाया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर साथियों ने उन्हें दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान थोड़ी ही देर में उनकी मौत हो गई। इधर, सूचना पाकर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। चिकित्सकों का कहना था कि ने बताया कि किरनपाल की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तब परिजन शांत हुए। किरनपाल की मृत्यु के लिए कोई पुलिस कार्रवाई करने से इनकार करते हुए परिजन शव लेकर चले गए। थाना प्रभारी रंजन शर्मा ने बताया की पूरी जांच के बाद परिजन संतुष्ट हो गये थे। चिकित्सकों के अनुसार उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, परिजनों ने जांच के बाद किसी भी कार्रवाई से इनकार कर दिया था।