मुरादाबाद। लंबे इंतजार के बाद चंदौसी-बरेली रेलमार्ग पर विद्युत चालित ट्रेनों का रास्ता साफ हो गया है। सोमवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) एसके पाठक ने निरीक्षण के बाद कुछ सुझाव दिए हैं। जिन पर अमल करके दो दिन में ही उन्हें पूरा कर लिया जाएगा। लिखित रिपोर्ट मिलने के बाद इसी माह विद्युत चालित इंजनों से मालगाड़ियों का परिचालन चंदौसी-बरेली रूट पर शुरू किया जाएगा। विद्युतीकरण कार्य से ट्रेनों की गति भी बढे़गी। इसके लिए सोमवार को सीसीआरएस ने स्पीड टेस्ट भी किया।
इस रेललाइन पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा सकती है। सीसीआरएस एसके पाठक ने निरीक्षण में 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से इंजन का परिचालन कराया। 27 किमी रेललाइन के निरीक्षण में उन्होंने रामगंगा ब्रिज व बिसारत गंज स्टेशन पर स्टेशन मास्टर व रनिंग स्टाफ से वार्ता की। तकनीकी व्यवस्थाओं को देखने के बाद कुछ सुझाव दिए। साथ ही जल्द से जल्द सुझावों पर अमल करने को कहा। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने बताया कि दो दिन के भीतर सुझावों पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सीसीआरएस से रिपोर्ट मिलने के बाद इसी माह नए इलैक्ट्रिक ट्रैक पर मालगाड़ियां दौड़ सकेंगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार विद्युतीकरण का कार्य मुरादाबाद रेल मंडल के उन्नाव, बालामऊ व सीतापुर सेक्शन में भी कराया जा रहा है। जिसके लिए सोमवार को 24 घंटे का ब्लाक भी लिया गया था। डीआरएम ने बताया कि कार्यरत स्टाफ ने तेजी दिखाते हुए एक दिन में रिकार्ड 107 शॉट्स की वायरिंग की। जबकि मामूलीतौर पर एक दिन में केवल 65 से 70 शॉट्स की वायरिंग ही संभव है।