मुरादाबाद। विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने एक परिवाद पर फैसला सुनाया। जिसमें उपभोक्ता की ओर से शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर बिना मीटर लगाए ही लाखों रुपये का बिल भेज दिया। जबकि उसने कई बार मीटर लगाने की मांग की थी। फोरम ने आदेश दिया है कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूली की जाए। इसके अलावा अदालत ने आदेश दिया है उपभोक्ता से केवल दो साल का ही बिल वसूला जाए।
अमरोहा के कोठी खिदमतपुर निवासी अमित कुमार ने विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में परिवाद दाखिल किया था। जिसमें पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के विद्युत खंड द्वितीय अमरोहा के अधिशासी अभियंता से 25 फरवरी 2015 को एलएमवी -2 का एक संयोजन कराया था। परिवादी ने मीटर लगवाने की रसीद भी कटवाई थी। परिवादी का कहना है कि कहने पर भी मीटर नहीं लगाया गया। परिवादी का कहना है कि उसने 25 फरवरी 2015 से 23 अप्रैल 2015 तक ही विद्युत का उपयोग किया है। परिवादी को जुलाई 2019 में एक डिमांड नोटिस भेजकर 328283 रुपये जमा करने की प्राप्त हुई। जिससे देखकर परिवादी परेशान हो गया। विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के अध्यक्ष व न्यायिक सदस्य ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद उन्होंने इस मामले में फैसला सुनाया है। उन्होंने आदेशित किया है कि इस मामले में उपभोक्ता को केवल दो साल का ही डिमांड नोटिस भेजा जाए। साथ ही विभाग को आदेश दिया है कि संबंधित अधिकारियों से इस मामले में वसूली की जाए।