मंडी धनौरा। कहते हैं कि लोकतंत्र में मतदान का दिन पर्व के समान होता है। मतदाता मतदान दिवस के दिन अपना वोट डालते समय स्वयं को देश का भाग्यविधाता समझता है। शायद यही कारण है कि विधानसभा क्षेत्र के 85 साल से अधिक आयु के मतदाता व दिव्यांग मतदाताओं ने 26 अप्रैल के दिन मतदान केंद्र पर ही वोट डालने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के इस हौसले की प्रशंसा की है।
विधानसभा क्षेत्र में 85 साल से अधिक आयु वर्ग के 2022 मतदाता है। जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 2512 है। चुनाव आयोग ने बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही वोट डालने की सुविधा प्रदान की है। एसडीएम चंद्रकांता ने बताया कि पिछले दिनों चुनाव के कार्य में लगे कर्मचारियों ने बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं से संपर्क स्थापित कर उनसे वोट डालने को लेकर उनकी राय मालूम की थी। कितने बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलेट की सुविधा चाहिए।
एसडीएम चंद्रकांता ने बताया कि 85 साल से अधिक उम्र के 2022 में से मात्र 69 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट की सुविधा की मांग की। इसी प्रकार 2512 दिव्यांग मतदाताओं में से मात्र 46 मतदाताओं ने ही पोस्टल बैलेट की सुविधा की मांग की है। अधिकांश बुजुर्ग मतदाताओं का कहना था कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व पर बूथ पर जाकर वोट डालकर स्वयं साक्षी बनना चाहते हैं। उनका कहना था कि मतदान केंद्र पर जाकर वोट करने का अलग ही क्रेज है।