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अवसाद में वर्दीधारी खत्म कर रहे जिंदगी, 11 माह में आठ ने की खुदकुशी

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मुरादाबाद। अवसाद में आकर वर्दीधारी आत्महत्या कर रहे हैं। मुरादाबाद में पिछले ग्यारह माह में आठ पुलिस कर्मियों ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। किसी ने सरकारी असलहे से खुद को गोली मार ली तो किसी वे तमंचे को कनपटी पर सटाकर खुद को उड़ा लिया।
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पिछले साल एक मार्च को मझोला थानाक्षेत्र में सिपाही अंकुर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह मझोला थाने की खदाना चौकी पर तैनात था। सिपाही ने सात फरवरी को पड़ोसी गांव की युवती से प्रेम विवाह किया था। तब से ही वह तनाव में था। चार जून 2020 को कटघर के आदर्श नगर में किराए के मकान में रहने वाले सिपाही मनीत प्रताप सिंह ने कारबाइन से खुद को गोली मार कर अपनी जान दे दी थी। मनीत प्रताप की ड्यूटी सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी के गनर के तौर पर लगी थी। जिस वक्त मनीत ने आत्महत्या की थी। उस समय कमरे में उसकी प्रेमिका भी मौजूद थी। पुलिस कर्मियों द्वारा आत्महत्या करने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 24 सितंबर को पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल मजहर हुसैन ने भी कारबाइन से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। मजहर हुसैन भी अवसाद से गुजर रहे थे। 12 अक्तूबर 2020 को पुलिस लाइन में तैनात फालोवर ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या की थी। शनिवार को मझोला थानाक्षेत्र में सिद्धार्थ नगर में रामपुर में तैनात हेड कांस्टेबल सुनील कुमार ने खुद को गोली मारकर हत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि सुनील कुमार भी लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे।
कई बार पुलिस कर्मी अधिक वर्क की वजह से डिप्रेशन में आ जाते हैं। जो लोग ज्यादा भावुक होते हैं या पहले से बीमार होते हैं। वो आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। बीच-बीच में पुलिस कर्मियों की काउंसिलिंग होनी चाहिए। उन्हें छुट्टियां भी मिलनी चाहिए। ताकि परिवार को भी समय दे पाएं। परिवार और परिचितों को भी ध्यान देना चाहिए कि कोई व्यक्ति कम सो पा रहा है या गुम रहने लगा है। बातचीत कम करने लगे हैं। ऐसे लोगों से सकारात्मक बातें करें।
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- डा. नीरज गुप्ता, मानसिक रोग चिकित्सक
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