सर्किट हाउस पहुंचे एडीएम फाइनेंस सत्यम मिश्रा ने मजदूरों का कुशल क्षेम जाना। उन्होंने मजदूरों से उनके परिवार के बारे में पूछा। बताया कि यहां से लखनऊ भिजवाने की व्यवस्था जिला प्रशासन ने कर दी है। अब बहुत जल्द वे सभी अपने परिवारों के पास होंगे। मंगलवार देर रात उत्तरकाशी में सुरंग से निकालने के बाद सभी 41 श्रमिकों को ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टरों द्वारा स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद मजदूरों को उनके गृह राज्य व फिर गृह जनपद भेजा जा रहा है। मुरादाबाद सर्किट हाउस पहुंचे सभी आठ मजदूर यूपी के निवासी हैं। इनमें लखीमपुर खीरी, लखनऊ, श्रावस्ती व अन्य जिलों के श्रमिक शामिल हैं। जिला प्रशासन ने उन्हें नाश्ता कराने के बाद रात सवा 11 बजे स्पेशल वैन से लखनऊ के लिए रवाना किया है। मजदूरों के साथ सुरक्षा कर्मी व अन्य स्टाफ तैनात किया गया है। एडीएम प्रशासन गुलाबचंद ने बताया कि लखनऊ पहुंचकर ये सभी मजदूर प्रशासन के अधिकारियों से मिलेंगे। वहां इनके परिजनों को बुलाकर उनके साथ भेजा जाएगा। सभी मजदूरों ने 17 दिन का समय सुरंग में बिताया है। अच्छी बात रही कि शारीरिक व मानसिक रूप से सभी स्वस्थ हैं। इसके बावजूद एहतियातन मजदूरों के साथ स्वास्थ्य टीम की ड्यूटी भी लगाई गई है।
स्वास्थ्य टीम में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ शामिल
मजदूरों के साथ स्पेशल वैन में तैनात की गई स्वास्थ्य विभाग की टीम में विशेषज्ञ डॉक्टर व नर्स शामिल हैं। कोई भी परेशानी होने पर फौरन नजदीकी जिले के अस्पताल में संपर्क करने के लिए कहा गया है। प्रशासन के मुताबिक लखनऊ से होकर कुछ मजदूरों को श्रावस्ती भेजा जाना है। इसके लिए लखनऊ में व्यवस्थाएं बनाई गई है। मुरादाबाद सर्किट हाउस में मजदूरों को जलपान कराने से लेकर उनके रवाना होने तक एडीएम फाइनेंस सत्यम मिश्रा व उनकी टीम मौजूद रही। सर्किट हाउस के गेट पर सभी मजदूरों को वैन में बैठाने के बाद टीम वहां से हटी।
- ऋषिकेश से कुछ मजदूरों को मुरादाबाद सर्किट हाउस लाया गया था। उन्हें नाश्ता कराना के बाद लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। इनमें लखीमपुर, श्रावस्ती आदि जिलों के श्रमिक शामिल हैं, जिन्हें उत्तरकाशी में सुरंग से निकाला गया था। सभी मजदूरों को लखनऊ भेज दिया गया है।
- गुलाबचंद, एडीएम प्रशासन