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दोषी साबित हुए तो पांच साल की सजा जेल गए 8 इंडोनेशियाई नागरिकों को

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मुरादाबाद। बुधवार को जेल भेजे गए इंडोनेशिया के आठ नागरिक टूरिस्ट वीजा पर पूरे देश में धार्मिक कार्यक्रम कर रहे थे। इन्हें भारत भ्रमण का वीजा मिला था। आरोप है कि बगैर किसी अनुमति के दिल्ली के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होना वीजा शर्तों का उल्लंघन था। यही नहीं, यहां से उन्हें देश के अन्य हिस्सों में जाने का हुक्म दिया गया। जिसके अनुपालन में ये मुरादाबाद चले आए। विधि विशेषज्ञों के अनुसार इन पर जिन कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगा है उसमें पांच साल तक की सजा हो सकती है।
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क्वारंटीन सेंटर से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस और खुफिया विभाग की टीमों ने इंडोनेशिया के नागरिकों से पूछताछ की है। पूछताछ में पता चला है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर 27 जनवरी को दिल्ली आए थे। सीओ ठाकुरद्वारा विशाल यादव ने बताया कि भारत आने के बाद ये सभी लोग दिल्ली में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी लोग उड़ीसा चले गए थे। वहां अलग - अलग क्षेत्रों में जाकर कार्यक्रम करने के बाद ये दो मार्च को दोबारा सभी दिल्ली में लौटे। दिल्ली से दस मार्च को निकलने के बाद अगले दिन 11 मार्च को ठाकुरद्वारा पहुंच गए थे। इनके खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय मस्जिद प्रबंध कमेटी ने की थी।11 मार्च से एक अप्रैल के बीच यह सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर जाकर अपनी विचारधारा के प्रसार के कार्यक्रम किए। ठाकुरद्वारा में एक माह रुकने के बाद इन सभी को दोबारा दिल्ली लौटना था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन दिल्ली में रुकने के बाद इन्हें अपने देश लौटना था। 27 अप्रैल को टूरिस्ट वीजा अवधि पूरी हो रही थी। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आठों इंडोनेशियाई नागरिक पहले बार भारत आए हैं। मुरादाबाद की ही तर्ज पर रेंज में बिजनौर में भी आठ इंडोनेशियाई नागरिक मिले थे।
सर्विलांस की मदद से पकड़े गए थे
मुरादाबाद। दिल्ली आने वाले जमातियों के बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद पूरे देश में मोबाइल सर्विलांस की मदद से इनके संपर्क में आए लोगों की खोज शुरू हुई थी। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने एक अप्रैल को ठाकुरद्वारा से इंडोनेशिया के आठ लोगों समेत दस लोगों को पकड़ा था। आठों विदेशियों और तमिलनाडु के दो लोगों के साथ उनके संपर्क में आए 27 लोगों को क्वारंटीन करके पुलिस ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इन सभी को एमआईटी क्वारंटीन सेंटर भेजकर इनकी कोरोना जांच कराई गई थी। क्वारंटीन सेंटर से रिलीव होते ही पुलिस ने बुधवार को इन सभी को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार शाम पुलिस ने इन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने आठ विदेशी नागरिकों की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। तमिलनाडु के दोनों निवासियों को जमानत दे दी गई है।
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इन धाराओं में दर्ज है केस
पासपोर्ट अधिनियम 3 विदेशी विषयक अधिनियम 7, 13, 14 बी14, सी महामारी अधिनियम 3 ए,188, 270, 269 में केस दर्ज किया गया था।
ये हैं आरोपी
इंडोनेशिया निवासी नोपरियान पहलवान आरदीएंसा सोफियान पारामेता स्केंदर नेंदे इलियास मौलाना अब्दुल मलिक सरीपुद्दीन रेफ ली कासिम कमीरूद्दीन जबकि तमिलनाडु निवासी शेख दाऊद और जावेद
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किन अधिनियमों में मामला दर्ज, किसमें कितनी सजा
123 पासपोर्ट अधिनियम 2 वर्ष से ज्यादा कारावास अथवा 5000 का जुर्माना
33 पासपोर्ट अधिनियम 1 वर्ष कारावास अथवा 50000 का जुर्माना
71, 31, 4 ख में 5 वर्ष का कारावास अथवा जुर्माना
188 एक माह का कारावास अथवा 200 रुपये का जुर्माना।
269 आईपीसी 6 माह का कारावास अथवा जुर्माना
270 आईपीसी में 2 साल की सजा व जुर्माना
03 महामारी अधिनियम 188 आईपीसी के तहत कार्यवाही
51 आपदा अधिनियम 1 साल का कारावास अथवा जुर्माना
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