पीलीकोठी स्थित मिशन कैंपस को खाली कराने की कवायद शुरू हो गई है। नगर निगम प्रशासन द्वारा मिशन कैंपस को खाली कराने के लिए डीएम को पत्र लिख कर सहयोग के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मांगा गया है। बताया जाता है कि इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने बिजली, शिक्षा, जलकल, एमडीए समेत संबंधित विभागों से इसकी जांच रिपोर्ट मांगी।
शहर के पीलीकोठी चौराहा पर नजूल की करीब 10.73 एकड़ भूमि है। जिसका पट्टा वर्ष 1917 में 90 साल के लिए आवासीय उपयोग के लिए सुपरिटेंडेंट एमई मिशन के नाम दिया गया था। जिसके पट्टे की अवधि वर्ष 2007 में समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में इस कैंपस में एक मेथोडिस्ट चर्च, मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज, आवास और केजी मेथोडिस्ट स्कूल संचालित है। पट्टे की लीज समाप्त होने के बाद से नगर निगम प्रशासन ने वर्ष 2018 में सुपरिटेंडेंट एमई मिशन के विरुद्ध बेदखली का नोटिस जारी किया था। इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। हालही में नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने डीएम को इस संबंध में पत्र लिखा। शासन के आदेश का हवाला देते हुए मिशन कैंपस की नजूल भूमि को खाली कराने की मांग की। नगर आयुक्त ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि संबंधित कैंपस में रहने वाले लोग इसे धर्मांतरण स्थल के रूप में भी प्रयोग कर रहे हैं। डीएम ने इस संबंध में बिजली विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एमडीए वीसी और नगर निगम के जलकल विभाग से जांच कर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। एमडीए सचिव से उसमें बने आवासों की जांच के निर्देश दिए हैं। इधर कई लोगों ने ट्वीट कर सीएम को भी इससे अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। मुरादाबाद पुलिस ने भी इस मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस निर्देश से पिछले कई सालों से सुस्त पड़ी मिशन कैंपस को खाली कराने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है।
- पट्टा अवधि समाप्त होने के बाद उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन दे दिया गया था। निगम द्वारा 2018 में बेदखली का नोटिस मिला था। जिसे मैंने न्यायालय में चुनौती दी है जो अभी विचाराधीन है।
- डेविड जैन, डिस्टि्रक्ट सुपरिटेंडेंट मिशन
- शासन के निर्देश के क्रम में नजूल की भूमि को मुक्त कराने की कार्रवाई नगर निगम कर रहा है। कई आवासों को अभी तक खाली कराया जा चुका है। नजूल भूमि से जुड़े अन्य जो भी मामले में उसमें भी शासनादेश के क्रम में कार्रवाई की जा रही है। मिशन कैंपस भी उसमें शामिल है। जिलाधिकारी को भी इस संबंध में पत्र लिख कर अवगत कराया गया है।
- दिव्यांश पटेल, नगर आयुक्त