मनी लॉन्डरिंग के शक में प्रवर्तन निदेशालय ने मुरादाबाद के करीब 10 निर्यातकों को नोटिस जारी किया है। इन निर्यातकों से ईरान से मिले करीब 200 करोड़ रुपये का हिसाब- किताब पूछा गया है। ईडी के नोटिसों से निर्यातकों को खलबली मची है। जिन निर्यातकों को नोटिस मिला है वह ईरान को निर्यात करते रहे हैं। निर्यातकों का कहना है कि आरबीआई से जीआर फार्म क्लियर नहीं होने की वजह से ईरान से आई एडवांस रकम को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। निर्यातक नोटिसों के जवाब देने की तैयारी में जुटे हैं।
निर्यातकों को ईडी के नोटिस मिलने से मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग में हड़कंप की स्थिति है। प्रवर्तन निदेशालय ने करीब दस निर्यातकों को नोटिस भेजकर उनके खातों में ईरान से आई रकम का हिसाब पूछा है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई मनी लॉन्डरिंग के शक में की है। निर्यातकों का कहना है कि यह सिर्फ भ्रम है, जो ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से उपजा है।
ईडी से नोटिस पाने वाले एक निर्यातक का कहना है कि वह इसका जवाब तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईरान को किए गए निर्यात पर जो एडवांस रकम मिली थी उसे लेकर भ्रम हुआ है। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान को हुए निर्यात पर थर्ड पार्टी डॉलर पेमेंट (किसी तीसरे देश के जरिए) लेने की वजह से आरबीआई ने जीआर फार्म क्लियर नहीं किए हैं।
इसकी वजह से इस निर्यात और उससे आई रकम का विवरण कस्टम के सिस्टम में दर्ज नहीं हुआ है। ईरान के साथ निर्यात में आ रही दिक्कतों के मुद्दे को निर्यातक पिछले एक साल में विभिन्न मंचों पर उठा चुके हैं। निर्यातकों का कहना है कि शिपमेंट विवरण के साथ ईडी के नोटिसों का जवाब दिया जाएगा।