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Moradabad: जेल में मेहनत की कमाई... परिवार का सहारा बन रहे कैदी, अफसर भी कहानी सुनकर हो रहे हैरान

Tue, 27 Jan 2026 11:08 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद की जिला जेल में बंद कई कैदी अपने परिवार का सहारा बने हुए हैं। जेल में सिलाई, पुताई, फर्नीचर, लोहे के काम सहित अन्य कार्यों के बदले मिलने वाली मजदूरी से कुछ कैदी हर माह घर रुपये भेज रहे हैं। इससे घर खर्च और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल रही है।  
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मुरादाबाद जिला जेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जेल में वर्षों से सजा काट रहे कुछ कैदी बेशक शारीरिक रूप से बंदिश में हैं लेकिन इनकी सोच पर कोई बेड़ियां नहीं हैं। जेल में रहकर भी मेहनत की कमाई से पाई-पाई जोड़कर इन्होंने अपने परिवार भरण पोषण किया है। वर्षों तक हर महीने रुपये भेजकर किसी ने बेटी के विवाह तक सम्मान जनक राशि इकट्ठा कर दी तो कोई अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग कर रहा है। 

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जिला जेल में करीब 1850 बंदी और कैदी बंद हैं। इनमें करीब 70 महिलाएं भी शामिल हैं। जेल प्रशासन की ओर से कैदियों से सिलाई, पुताई, फर्नीचर, लोहे का काम, साफ सफाई और अन्य काम कराए जाते हैं। इसके लिए कैदियों को मजदूरी दी जाती है।

ऐसे करीब 100 कैदी हैं जिनसे अलग अलग काम लिया जाता है। इनमें कुछ कैदी तो अपनी कमाई की रकम जेल में ही खर्च कर देते हैं जबकि 20 से ज्यादा कैदी ऐसे हैं तो हर माह अपने घर रुपये भेजते हैं। कोई हर माह 1500 रुपये भेज रहा है तो कोई 2500 रुपये भेज रहा है।
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भले ही यह राशि कम है लेकिन घर के खर्च, बेटियों की शादी और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग मिल रहा है। जेल अफसरों से कैदी बीच बीच में अपनी अपनी कहानियां बताते हैं कि हम पहले ही अपराध कर यहां तक पहुंच गए हैं लेकिन हमारा सपना है कि हमारे बच्चे पढ़ लिखकर अच्छे रास्ते पर चलें। हमें खुशी है कि हम जेल में रहकर भी परिवार की मदद कर रहे हैं।

12 साल से परिवार की मदद कर रहा ललित
सिविल लाइंस क्षेत्र में 12 साल पहले ललित को हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ललित हर माह अपने घर 1500 रुपये भेज रहा है।

छत्रपाल हर माह भेजा है 2500 रुपये
संभल जिले के हयात नगर क्षेत्र में रहने वाले छत्रपाल को 2016 में हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। 20 जनवरी 2024 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। छत्रपाल हर माह अपने परिवार के लिए 2500 रुपये भेज रहा है।

मझोला थाना क्षेत्र में 2013 में एक युवक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमित उर्फ बॉबी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अमित उर्फ बॉबी भी अपने परिवार के लिए हर महीने 1500 रुपये भेज रहा है।

प्रदीप भी कर रहा परिवार का सहयोग
अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में 25 साल पहले हत्या के मामले में प्रदीप को जेल भेजा गया था। इस मामले में अदालत ने छह दिसंबर 2010 को प्रदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। प्रदीप भी हर माह अपने परिवार को 1500 रुपये भेजकर सहयोग कर रहा हैं।

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सजा काट रहे कैदियों से जेल में काम लिया जा रहा है। इन्हें मजदूरी दे जाती है। 100 से ज्यादा ऐसे कैदी हैं जो काम करते हैं इनमें कुछ कैदी तो जेल में ही अपनी कमाई खर्च कर रहे हैं लेकिन कुछ कैदी अपने घर भी रकम भेजते हैं। कैदियों को मिलने वाली मजदूरी के रुपये चेक के जरिए उनके परिवार के लोगों दे दिए जाते हैं। कुछ कैदी ने अपनी बेटियों की शादी और बच्चों की पढ़ाई के लिए भेज रहे हैं। -आलोक सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक

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