मुरादाबाद। दो साल पहले शहर के लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रमाणपत्रों व टैक्स आदि जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 20 स्थानों पर खोले गए ई-क्योस्क फेल हो गए। डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इन केंद्रों को अब जनसेवा केंद्र के रूप में संचालित करने की तैयारी है। स्मार्ट सिटी द्वारा इसके लिए टेंडर निकाला जा रहा है।
शहर के लोगों को विभिन्न डिजिटल सेवाएं बिजली बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, रेलवे टिकट आदि की सुविधा मिलने की बात ई-क्योस्क की स्थापना के समय कही गई थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
करीब दो साल पहले शुरू किए गए ई-क्योस्क पर कहीं ताला लगा रहा तो कहीं इंटरनेट सेवा गायब रही। इसे स्थापित करने और संचालन करने का जिम्मा संभालने वाली डेनवेस कंपनी के प्रतिनिधि इसे लेकर कभी गंभीर नहीं दिखाई दिए।
ई-क्योस्क के उपयोग न होने का मामला मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर अब इसे जनसेवा केंद्र के रूप में संचालित करने की तैयारी स्मार्ट सिटी ने की है। जिससे शहर के लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए स्मार्ट सिटी के अधिकारी जल्द ही टेंडर निकाल रहे हैं।