स्वार (रामपुर)। देश में लागू हिट एंड रन के नए कानून के खिलाफ वाहन स्वामियों और चालकों में आक्रोश पनपने लगा है। स्वार में वाहन चालकों ने इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जिसमें कानून वापस लिए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस कानून के रहते वह मजदूरी करके अपने परिवार पाल लेंगे लेकिन वाहन नहीं चलाएंगे।
देशभर में ट्रांसपोर्ट यूनियनें नए भारतीय न्याय संहिता के अधिनियम के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कानून को वापस लेने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है। इसी के तहत सोमवार को स्वार के वाहन चालकों ने भी विरोध प्रदर्शन किया कानून वापस लिए जाने की मांग उठाई। तमाम वाहन चालक बिलासपुर तिराहे पर एकत्र हुए जहां उन्होंने नए कानून को लेकर चिंता जताई। कहा कि दस साल की सजा और सात लाख का जुर्माने का प्रावधान वाहन स्वामियों और वाहन चालकों के प्रति जुल्म है जिसको वापस लिया जाना बेहद जरूरी है। इसको लेकर चालक प्रदर्शन एवं नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे जहां एसडीएम अवनीश कुमार से मिले। चालकों ने अपनी चिंता से अवगत कराते हुए उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान कानून को लेकर वह बेहद चिंतित और भयभीत हैं। हालात यहां तक हैं कि वह वाहन चलाकर आजीविका कमाने के बजाए अब मजदूरी कर लेंगे लेकिन इस कानून के रहते वाहन नहीं चलाएंगे। ज्ञापन में राष्ट्रपति से हिट एंड रन कानून वापस लिए जाने की गुहार लगाई गई है। ज्ञापन पर शाहरुख खां, समीर, मुरसलीन, शारिक, रईस, फिरोज, मोहम्मद अहमद, बत्तन खां और सद्दान आदि चालकों के हस्ताक्षर हैं।