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Moradabad News: मिशन कंपाउंड में पेयजल सप्लाई ठप, पानी को तरसे लोग

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मुरादाबाद। सिविल लाइंस के मिशन कंपाउंड में सोमवार को पेयजल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह सप्लाई ठप होने से इलाके के सैकड़ों परिवार पानी के लिए परेशान रहे। घरों की टोंटियां सूखी रहीं तो लोगों के सामने पीने के पानी से लेकर नहाने, खाना बनाने और अन्य कार्यों में दिक्कत खड़ी हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी उन घरों में हुई, जहां सरकारी सप्लाई ही पानी का एकमात्र सहारा है और मोटर की सुविधा नहीं है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मिशन कंपाउंड के साथ आसपास की कॉलोनियों में भी पानी न आने से खराब हालात रहे। सुबह पानी नहीं आने पर लोगों ने जल निगम के जेई को फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। कई परिवारों को पड़ोसियों के घरों से पानी मांगकर काम चलाना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को बाजार से पानी खरीदना पड़ा। रोजमर्रा के कामकाज पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहे। दफ्तर जाने वालों को बिना नहाए निकलना पड़ा और महिलाओं को रसोई संभालने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों का आरोप है कि गर्मी के मौसम में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का इस तरह ठप हो जाना जल निगम की लापरवाही को उजागर करता है। सुबह से शाम तक जिम्मेदार अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा सके। शाम करीब छह बजे सप्लाई शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।


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लोगों के कोट्स (फोटो)
सुबह से सप्लाई नहीं हुई। घर में पीने तक का पानी नहीं बचा था। लोगों को दफ्तर जाने से पहले इधर-उधर से पानी जुटाना पड़ा। जल निगम के जेई को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा।
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- अंतिम सिंह

पानी न आने से सबसे ज्यादा परेशानी रसोई में हुई। खाना बनाना, बर्तन साफ करना और बच्चों को तैयार करना सब प्रभावित रहा। पड़ोस से पानी मांगकर किसी तरह काम चलाया। अगर सुबह ही अधिकारी सक्रिय हो जाते तो लोगों को दिनभर इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
- जॉर्ज बेंजामिन


सरकारी सप्लाई ही हमारे घर का सहारा है, क्योंकि मोटर नहीं लगी है। सोमवार को सुबह पानी नहीं आया तो पूरा दिन खराब हो गया। पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ा। जिम्मेदार अधिकारी फोन तक न उठाएं तो लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
- सुरेश जॉन

गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई ठप होना बहुत गंभीर बात है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले घरों में सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। सुबह से शाम तक लोग बाल्टी लेकर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जल निगम को ऐसी स्थिति में फोन उठाना चाहिए।
- विकास वॉटसन


सुबह पानी न आने से नहाना तो दूर, पीने का पानी भी मुश्किल से जुटा। पड़ोसियों से मदद लेकर किसी तरह काम चला। हम लोग लगातार फोन करते रहे, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। जनता की परेशानी को अधिकारी इतनी आसानी से नजरअंदाज नहीं कर सकते।
- दीप सिंह



पानी की किल्लत ने पूरे दिन घर की व्यवस्था बिगाड़ दी। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। जल निगम को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था रखनी चाहिए थी। अगर समय रहते सप्लाई बहाल कर दी जाती तो लोगों को इस तरह पानी के लिए नहीं तरसना पड़ता।
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- शशि
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