कांठ । क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर टांडा में एक पक्ष के लोगों ने 23/24 अप्रैल की रात प्रशासन से अनुमति लिए बिना एक खाली जगह में चबूतरा बनाकर उस पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। गांव के कुछ लोगों ने प्रतिमा देखी तो अगले दिन शुक्रवार की शाम को इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर पुलिस में हड़कंप मच गया।
एसएचओ सुदेश पाल सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ रात को ही मौके पर पहुंचे। घंटों समझने के बाद पुलिस ने रात में ही प्रतिमा को वहां से हटवा दिया। प्रतिमा लगाने वाले पक्ष की हल्की नोकझोंक भी हुई। इस दौरान जहां प्रतिमा स्थापित की गई थी, उसके पास पड़ी कूड़ियों में अज्ञात कारण के चलते आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पुलिस ने अग्निशमन विभाग की टीम को बुलाकर कूड़ियों में लगी आग को बुझवाया।
यहां पुलिस मौजूद थी कि शनिवार की सुबह फिर से प्रतिमा रखने वाले पक्ष के तमाम लोग व महिलाएं एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर सीओ शुभम पटेल भी भारी फोर्स के साथ गांव पहुंच गए।
प्रतिमा लगाने वाले पक्ष का कहना था कि जहां प्रतिमा स्थापित की गई थी, वह भूमि सालों पहले आंबेडकर पार्क के लिए छोड़ी गई थी। यहां वह हर साल डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती भी मनाते हैं।
उन्होंने प्रतिमा रखने के बारे में ग्राम प्रधान से भी कहा था। एकत्र लोगों ने यहां से प्रतिमा ले जाने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई और रोष भी व्यक्त किया।
लाख समझाने और प्रतिमा वापस देने के आश्वासन के बाद उन्होंने पुलिस को लिखकर भी दे दिया कि उनके द्वारा बिना अनुमति के प्रतिमा लगा ली थी।
अब वह नियमानुसार अनुमति लेकर ही प्रतिमा स्थापित करेंगे। जिसके बाद पुलिस ने प्रतिमा को पॉलीथिन से कवर कराकर सहमति के बाद ससम्मान गांव के ही ब्रजपाल के यहां बने कमरे में रखवा दिया है।
फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात है। एसडीएम कांठ संत दास पंवार का कहना है कि ग्रामीणों को समझाया गया है, इस मामले में जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।