कुंदरकी (मुरादाबाद)। बृहस्पतिवार की देर शाम कुंदरकी नगर में कुरैशी समाज की अहम पंचायत हुई जिसमें समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागाने, शादी ब्याह में फिजूलखर्ची रोकने समेत कई अहम निर्णय लिए गए है। चौधरी असलम की अध्यक्षता में हुई पंचायत में सबसे पहले वैवाहिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने और आतिशबाजी छोड़ने पर रोक लगाने को प्रस्ताव रखा जिस पर सर्वसम्मति से रजामंदी दे दी गई। इसके अलावा शादी में दान दहेज की नुमाइश नहीं करने, बरात में 100 से लेकर अधिकतम 250 लोग तक ले जाने, गांठों का कार्यक्रम समाप्त करने, मंगनी में मात्र पांच लोगों के जाने और मृत्यू भोज की प्रथा को बंद करने का निर्णय लिया है। साथ ही बरात की रवानगी का दिन और रात का समय भी निर्धारित किया गया है ताकि बरात से पहुंचे और वापस लौटकर आए। पंचयत में इल्यास कुरैशी, रईस अहमद, सलीम अहमद, शाहिद हुसैन, फहमीद कुरैशी, शाकिर कुरैशी, हाजी आबिद, समीर अहमद, फैजान, मोहम्मद फरहान, नबी अहमद, मोबीन कुरैशी समेत काफी संख्या में लोग रहे। पंचायत में निकाह को आसान करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए गए है। निकाह बढ़ाने के लिए इमाम साहब को 11 सौ रूपये की नजराना दिया जाएगा। इसके अलावा मस्जिद और मदरसे को अपनी हैसियत के हिसाब से लड़का पक्ष से धनराशि दे सकता है। पंचायत में लिए गए अहम निर्णयाें को अगर कोई उल्लंघन करता है तो ऐसे लोगाें से बिरादरी दूरी भी बना सकती है। साथ ही चौधरी अपने स्तर जुर्माना भी लगा सकती है। इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। वहीं पंचाायत के अचानक लिए गए अहम निर्णयों से अप्रैल और मई माह में होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है।