कांठ। नगर व क्षेत्र में आवारा कुत्तों और उत्पाती बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। यह महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों पर हमले कर उन्हें घायल कर रहे हैं। हर रोज घायल सीएचसी पहुंचकर स्वयं को एंटी रेबीज वैक्सीन की डोज भी लगवा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार कुत्तों और बंदरों को पकड़वाने के लिए तैयार नहीं हैं।
कांठ नगर में अनेकों स्थानों पर आवारा कुत्तों और उत्पाती बंदरों के झुंड दिखाई दे रहे हैं। नगरवासियों के अनुसार यह रास्तों को घेर कर खड़े हो जाते हैं, जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं स्कूली बच्चे भी घूम रहे कुत्तों और बंदरों से परेशान हैं। शुक्रवार को भी आवारा कुत्तों और उत्पाती बंदरों के काटने से नगर व क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 14 लोग घायल हो गए। सभी ने सीएचसी पहुंचकर स्वयं को एंटी रेबीज वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। सीएचसी के मुख्य फार्मासिस्ट सीपी थपलियाल ने बताया कि शुक्रवार को 14 घायलों को पहली, आठ को दूसरी, 14 को तीसरी और सात को एंटी रेबीज वैक्सीन की चौथी डोज लगाई गई है। अखिलेश कुमार, जितेंद्र सिंह, सिमरन सिंह, गौरव कुमार, देवेंद्र कुमार, निक्की सिंह, प्रदीप कुमार, पप्पू सिंह, मुकुल कुमार, उजेफा आदि नगरवासियों ने आवारा कुत्तों और उत्पाती बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। इस मामले में उप जिलाधिकारी कांठ स्निग्धा चतुर्वेदी ने कहा कि इस संबंध में दिखवाया जाएगा कि कैसे समस्या का हल हो सकती है।