कांठ। एक ओर जहां क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक है तो वहीं दूसरी ओर आवारा कुत्ते और उत्पाती बंदर भी खूंखार हो रहे हैं। तीन महीने में इनके हमलों से 1692 लोग घायल हो चुके हैं। सभी को सीएचसी में एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज लगाई गई है।
नगर के मोहल्ला विशनपुरा में डाॅ.अरुण सक्सेना वाली गली में तो पूरे दिन कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। यहां कुत्तों का आतंक इतना है कि लोग इधर से निकलने में भी कतराते हैं। कुत्ते स्कूली बच्चों सहित महिलाओं, बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। इसके अलावा मोहल्ला चौकबाजार, पट्टीवाला, घोसीपुरा, पृथ्वीगंज आदि में भी कुत्तों का जबरदस्त आतंक है।
इसके अलावा नगर व क्षेत्र में उत्पाती बंदर भी दिन पर दिन खूंखार हो रहे हैं जहां सोमवार को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुत्तों और बंदरों के हमले से 20 से भी अधिक घायल लोग एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगवाने पहुंचे तो वहीं अस्पताल रिकार्ड के अनुसार जनवरी से मार्च तक यानि तीन महीने में 1692 घायलों को एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसमें जनवरी में 509, फरवरी में 603 व मार्च में 580 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई है। कुत्तों और बंदरों के बढ़ते आतंक के बाद भी जिम्मेदार इन्हें पकड़वाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।