कांठ। नगर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी कुत्तों और बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार और शनिवार को कुत्तों और बंदरों के हमलों से घायल 37 नए घायलों ने सीएचसी पहुंचकर एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। क्षेत्र के लोगों ने कुत्तों व बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलवाने की मांग की है।
कांठ नगर में कुत्तों के साथ ही उत्पाती बंदरों का भी जबरदस्त आतंक है। यह जहां महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हमला कर घायल कर रहे हैं तो लोगों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। आवारा कुत्तों के कारण कांठ नगर की गलियों में गंदगी पसरी रहती है, जिस कारण स्कूली बच्चों और राहगीरों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर के मोहल्ला विशनपुरा, फकीरगंज, पृथ्वीगंज, घोसीपुरा, ईदगाह नईस्बती, माननगर, महमूदपुरा आदि में आवारा कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उत्पाती बंदर भी लोगों पर हमला कर उन्हें घायल और नुकसान पहुंचा रहे हैं। उपमंडी समिति परिसर, थाना परिसर, डीएसएम इंटर कॉलेज आदि स्थानों पर अधिक बंदर दिखाई देते हैं। इधर शुक्रवार को नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों के हमलों से घायल 15 लोग और शनिवार को महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों सहित 22 लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांठ में एंटी रैबीज वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के लिए पहुंचे। इसके अलावा इन दोनों दिनों में 33 लोगों ने दूसरी, 22 ने तीसरी और 21 ने चौथी डोज लगवाई है। लगातार बढ़ रहे कुत्तों और बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं।
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