मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति में प्रबंधन की बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक हुई। समिति में वास्तविक नामों पर फ्लूड लगाकर कई फ्लैट्स को दूसरों के नाम पर आवंटित करने के मामले की चल रही जांच में अब वास्तविक आवंटी सदस्यों की पहचान की जाएगी। इसके लिए वास्तविक आवंटियों के अपने अभिलेखीय साक्ष्य जांच समिति के सामने प्रस्तुत करने होंगे।
मायानगर सहकारी आवास समिति में प्रबंध समिति की शह पर ही 245 फ्लैट वाले विनायक अपार्टमेंट में करीब 24 फ्लैट ऐसे हैं, जिन्हें गलत तरीके से आवंटित करने की शिकायत है। मामले की जांच तो चल रही है, एडीएम की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति (एसआईटी) भी गठित की गई है, जो फ्लैट आवंटन की जांच कर रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि फ्लैट आवंटन सिर्फ समिति के सदस्यों को ही किया जा सकता है, उनके न रहने पर उनके वारिस को किया हस्तांतरित किया जा सकता है लेकिन इसमें तत्कालीन सचिव व अन्य कर्मचारियों ने लोगों से सांठगांठ करके मूल आवंटियों के नामों पर फ्लूड (सफेदा) लगाकर वारिस के बजाय दूसरे लोगों के नाम लिखकर फ्लैट को आवंटित कर दिया है।
सिटी मैजिस्ट्रेट एवं समिति के सभा्पति विनय कुमार पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि सबसे पहले समिति का कार्यालय को सुदृढ़ हो, बिजली कनेक्शन, फर्नीचर. आवास दुरुस्त कराने, चपरासी का वेतन निकालने जैसे कार्य कराए जाएं। इसके साथ ही जो समिति के सदस्य मूलआवंटी है, उनके विषय में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराई जाएगी, जिसमें उनसे अपने अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा जाएगा, ताकि पता चल सके कि मूल आवंटी और वारिस कौन है। इसमें अपर जिला सहकारी अधिकारी कंचन सिंह, आवास अधिकारी सतीश कुमार, सचिव अनिल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।