जिला अस्पताल में बुधवार की रात हादसे में घायल मरीज की मौत पर जमकर बवाल हो गया। आक्रोशित भीड़ ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स को इमरजेंसी वार्ड से खींच कर पीटा। वहीं बचाने पहुंचे वार्डब्वाय को भी मारा पीटा। फार्मेसिस्ट भी भीड़ के गुस्से का शिकार हुए। जबकि डाक्टर कंट्रोल रूम छोड़कर भाग खड़े हुए।
बाद में पहुंची पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। अस्पताल प्रशासन ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दिया है। अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के गांव नीलीखेड़ी निवासी सतीश पुत्र ओमप्रकाश बुधवार देर शाम सड़क हादसे में घायल हो गए। आनन फानन में परिजन उन्हें रात दस बजे के करीब जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। लेकिन करीब पंद्रह मिनट बाद उनकी मौत हो गई।
इस बीच मरीज के शहर के मोहल्ला मंगूपुरा के जानने वाले पहुंचे गए। मौत की जानकारी होने पर हंगामा शुरू कर दिया। करीब 25-30 लोग इमरजेंसी में शोरशराबा करने लगे। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रही स्टाफ नर्स शिराली को वार्ड से बाहर खींच लाए। जहां भीड़ ने उन्हें मारना पीटना शुरू कर दिया।
स्टाफ नर्स को पिटता देख बचाने पहुंचे वार्डब्वाय गुलफाम को भी लोगों को पीट दिया। वहीं इमरजेंसी में मौजूद फार्मेसिस्ट को भी नहीं बख्शा। जबकि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डा. बृजेश सिंह कंट्रोल रूम छोड़ भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया। साथ ही एक आरोपी को हिरासत में ले लिया।