मुरादाबाद। आयुर्वेद डाक्टरों को आपरेशन की अनुमति देने के विरोध में हड़ताल पर रहे आईएमए से जुड़े डाक्टरों की शुक्रवार दोपहर आईएमए भवन में जुटान हुई। जहां सभा कर केंद्र सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया गया। साथ ही आईएमए भवन से जुलूस निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
सभा में आईएमए प्रेसीडेंट डा. भगतराम राणा ने कहा कि देश में 95 फीसदी मरीज आधुनिक चिकित्सा पद्धति इलाज कराते हैं। संघन चिकित्सा सुविधा आधुनिक चिकित्सा पद्धति से संपादित होती है। सभी चिकित्सा पद्धति को स्वतंत्र रूप से पूर्ण वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना चाहिए। आईएमए मिक्सोपैथी के सख्त खिलाफ है। आईएमए सेक्रेटरी डा. प्रीति गुप्ता ने कहा कि मिक्सोपैथी के कारण देश में चिकित्सा के स्तर में गिरावट आएगी। एसोसिएशन सरकार से मांग करता है कि किसी भी स्थिति में मिक्सोपैथी को लागू न किया जाए। हर विधा को स्वतंत्र रूप से वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाए। इस दौरान डा. विनय गुप्ता, डा. इरम परवीन, डा. एसके जैन, डा. जितेंद्र कुमार शर्मा, डा. जेसी अरोड़ा, डा. एके गोयल, डा. गोपेश मेहरोत्रा, डा. कुमकुम मेहरोत्रा, डा. पूनम सिंह, डा. विराग श्रीवास्तव, डा. ज्योत्सना श्रीवास्तव, डा. सुदीप कौर, डा. अनिल सिंह, डा. पीके गुप्ता, डा. नीरज गुप्ता, डा. बबिता गुप्ता, डा. नितिन बत्रा, डा. अतुल नाथ, डा. अजय अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रही भीड़
मुरादाबाद। निजी डाक्टरों के हड़ताल से जिला अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ देखने को मिली। ओपीडी और दवा काउंटर, पर्ची काउंटर पर मरीजों की भीड़ नजर आई। निजी अस्पतालों से मायूस मरीजों ने जिला अस्पताल में इलाज कराया।
इलाज ही नहीं जांच के लिए भी भटकते रहे
मुरादाबाद। दूर दराज से इलाज के लिए शहर पहुंचे मरीजों को जांच के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ा। एक्सरे से लेकर ब्लड टेस्ट के लिए मरीज दिनभर भटकते रहे। आखिर में बिना टेस्ट वापस लौट गए।