इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से जुड़े देशभर के डाक्टर सोलह नवंबर को एक दिनी सत्याग्रह करेंगे। इसके जरिए डाक्टर नेशनल मेडिकल कमीशन का विरोध करेंगे। साथ ही अन्य मांगों को भी सरकार के सामने रखेंगे।
शनिवार को आईएमए यूपी कान में स्टेट वर्किंग कमेटी की मौजूदगी में सत्याग्रह की रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान डाक्टरों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। होटल ड्राइव इन 24 में आयोजित दो दिवसीय आईएमए यूपी कान में स्टेट वर्किंग कमेटी के सदस्य जुटे।
मुख्य अतिथि पूर्व आईएमए नेशनल प्रेसीडेंट और एमसीआई मेंबर डा. विनय अग्रवाल ने कहा कि डाक्टरों की समस्याओं को लेकर सरकारें गंभीर नहीं है। पिछली बार सरकार के आश्वासन पर आईएमए ने घोषित सत्याग्रह स्थगित कर दिया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
सोलह नवंबर को हर जिले में आईएमए के डाक्टर सत्याग्रह करेंगे। नेशनल सेक्रेटरी डा. आरएन टंडन ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट में संशोधन की जरूरत है। स्टेट वर्किंग कमेटी ने आईएमए के फंड को सही जगह उपयोग करने पर जोर दिया। स्टेट वर्किंग कमेटी की अध्यक्षता स्टेट प्रेसीडेंट डा. एपी सिंह और संचालन सेक्रेटरी डा. आनंद प्रकाश ने किया।
इस दौरान नेशनल वाइस प्रेसीडेंट डा. शरद अग्रवाल, डा. विनय गुप्ता, डा. राजेश सिंह, डा. वीके मोगा, डा. एमबी सक्सेना, डा. विनीत कुमार, डा. शरद गुप्ता, डा. आलोक मित्तल, डा. प्रभाकर शुक्ला, डा. अशोक राय, डा. संजय राय, डा. आरपी त्रिपाठी, डा. पंकज गुलाटी, डा. नीरज गुप्ता, डा. बबीता गुप्ता, डा. बीपीएस लोचब, डा. आरके पांडेय, डा. विपिन बिहारी आदि मौजूद रहे।