मुरादाबाद। आयुर्वेद डाक्टरों को सर्जरी की अनुमति देने के विरोध में मंगलवार को आईएमए से जुड़े डाक्टरों ने दो घंटे ओपीडी बंद अपना विरोध जताया। आईएमए भवन में जुटे डाक्टरों ने चिकित्सा शिक्षा में मिक्सोपैथी की निंदा की। साथ ही सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की गई।
आईएमए प्रेसीडेंट डा. भगतराम राणा ने कहा कि मिक्सोपैथी यानी एक पद्धति केडाक्टर को दूसरी पद्धति में कार्य करने की अनुमति देना चिकित्सा के स्तर को कम करना है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सरकार ने सर्जरी की अनुमति तो दे दी लेकिन जिस विधि को सीखने में सालों लग जाते हैं, वह कुछ महीने में कैसे सीखा जा सकता है। आयुर्वेद में तो एनसथिया की पढ़ाई भी नहीं है तो बिना बेहोशी केवह सर्जरी कैसे करेंगे। डा. विनय गुप्ता ने बताया कि 11 दिसंबर को सुबह छह बजे से शमा छह बजे तक निजी चिकित्सा सेवा बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेंसी और कोविड की सेवाएं जारी रहेगी। इस दौरान सेक्रेटरी डा. प्रीति गुप्ता, डा. जेके शर्मा, डा. बबीता गुप्ता, डा. पूनम सिंह, डा. राजेश सिंह, डा. गोपेश मेहरोत्रा, डा. विकास गुप्ता, डा. अर्चना अग्रवाल, डा. अरुण चुग, डा. नीरज गुप्ता आदि मौजूद रहे।