सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में क्लीनिक के डाक्टर ने एक कर्मचारी से साथ छेड़खानी की। कर्मचारी ने विरोध किया तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत थाने में की। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो पाई।
एसएसपी के आदेश पर शुक्रवार की रात सिविल लाइंस पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी डाक्टर फिलहाल बात करने को तैयार नहीं है, लेकिन क्लीनिक का संचालन करने वाले ट्रस्ट के पदाधिकारी ने आरोप को गलत बताते हुए इसे युवती की ओर से डाक्टर को ब्लैकमेल करने की कोशिश बता दिया।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आशियाना कालोनी में चट्टा पुल के पास ट्रस्ट का नेचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र ) का क्लीनिक है। इस क्लीनिक में डा. अखंड प्रताप सिंह इंचार्ज हैं। मझोला थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने सिविल लाइंस थाने में डा. अखंड प्रताप सिंह के खिलाफ छेड़खानी का केस दर्ज कराया है।
उसने बताया कि वह क्लीनिक में नौकरी करती थी। बारह अप्रैल को लंच टाइम में अन्य कर्मचारियों के साथ वह खाना खा रही थी। इसी दौरान डा. अखंड प्रताप की कॉल उसके पास आई। उन्होेंने उसे अपने केबिन में बुला लिया। आरोप है कि डाक्टर ने कर्मचारी का हाथ पकड़ लिया और उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी।
जब कर्मचारी ने विरोध किया तो डाक्टर उसे धमकाने लगे कि अगर उसने किसी से कुछ कहा तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा। युवती के शोर मचाने पर आरोपी ने उसे छोड़ दिया। उसने बताया कि वह इस मामले की शिकायत लेकर थाने गई। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद उसने एसएसपी से मामले की शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर की शुक्रवार की रात आरोपी डाक्टर के खिलाफ केस दर्ज लिया गया। उधर, ट्रस्ट के पदाधिकारी जेके सिंह ने बताया कि युवती झूठे आरोप लगा रही है। वह डाक्टर को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है। सीओ सिविल लाइंस ने डा. यशवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।