फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम मंदिर निर्माण को समर्पण निधि लेने पहुंचे भाजपाइयों पर चिकित्सक ने लगाया 51 हजार मांगने का आरोप, जमकर हुआ हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान को निकली भाजपाइयों की टोली आशियाना स्थित सुपर मैक्स हॉस्पिटल पहुंची तो यहां जमकर हंगामा हुआ।
विज्ञापन

अस्पताल के चेयरमैन डा. एसके सिंह का आरोप है कि भाजपाइयों ने मंदिर निर्माण के चंदे के नाम पर 51 हजार रुपये मांगे और न देने पर उसे भुगत लेने की धमकी दी और हंगामा किया। धरने पर बैठ गए और अभद्रता की। महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा ने मौके पहुंचकर किसी तरह से मामले को शांत कराया।
उधर भाजपाइयों का कहना है कि 51 हजार रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। चिकित्सक एवं उनके स्टाफ कर्मियों ने टीम के साथ अभद्रता की जिस पर यह हंगामा हुआ। इस पूरे हंगामे का वीडियो भी वायरल हो गया है।
विज्ञापन

भाजपा तथा अन्य सहयोगी संगठनों के लोग राम मंदिर निर्माण के लिए धन संचय कर रहे हैं। इस निधि समर्पण अभियान में टीमें जगह जगह जा रही हैं। शनिवार शाम को यहां की आशियाना कालोनी स्थित सुपर मैक्स हॉस्टिपटल में भी भाजपा की टीम पहुंची।
यहां के चिकित्सक डा. एसके सिंह ने बताया कि इस टीम सदस्यों ने निधि के रूप में 51 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि 25 हजार रुपये तो घर से वे निधि के रूप में दे चुके हैं। अब 51 हजार का क्या औचित्य? डा. एसके सिंह का आरोप है कि इस पर भाजपा के रामगंगा मंडल मंत्री तुषार विश्वास और पार्षद पुष्पा चौहान के पति मंडल उपाध्यक्ष भूदेव सिंह चौहान भड़क गए।
उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया। कहा कि अस्पताल का रैंप अवैध बनाया है। जनरेटर अवैध रखा है। सब कुछ तुड़वा दिया जाएगा। सबक सिखाने की धमकी दी। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। चिकित्सक का आरोप है कि दबाव बनाने को भाजपाई वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही तो भाजपाइयों ने कहा कि बुला लो। पुलिस भी तो हमारी ही है।
बाद में सूचना पर भाजपा महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा मौके पर पहुंचे और किसी तरह से मामला शांत कराया। चिकित्सक के मुताबिक यह गलत है। स्वेच्छा से ही जो दे उससे लिया जाए। उन्होंने कहा कि वह तो थाने में तहरीर देते पर महानगर अध्यक्ष के आने के बाद उन्होंने अपना मन बदल दिया। मैं तो बाद में 51 सौ रुपये दे रहा था पर उन्हाेंने नहीं लिए।
मेरे घर से आकर निधि समर्पण के रूप में टीम 25 हजार रुपये ले जा चुकी है। अब भाजपाई 51 हजार रुपये मांगने लगे। निधि समर्पण का मतलब यह नहीं है कि इतना पैसा लिया जाए। मैने मना किया तो मुझे धमकाया। कहा कि यहां नहीं रहने दिया जाएगा। मैं तो थाने में तहरीर देता पर महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा के आने के बाद हंगामा शांत हुआ और मैने भी अपना मन बदल दिया - डा. एसके सिंह, चिकित्सक
डा. एसके सिंह पूरी तरह से झूठ बोल रहे हैं। हमने उनसे इतने पैसे नहीं मांगे। वह तो स्वैच्छिक है पर उन्होंने और उनके स्टाफ ने अभद्रता की। अपशब्द इस्तेमाल किए। इस पर हमें गुस्सा आ गया। हो सकता है कि इसी में कुछ कह दिया हो। यह तो बिल्कुल सही है कि उन्होंने रैंप गलत बनाया है। जनरेटर भी सड़क पर रखा है। हमने यह बात अवश्य कही पर 51 हजार रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह से गलत है - तुषार विश्वास, मंडल मंत्री भाजपा
मेरी 65 साल की उम्र है। अब तक किसी से नहीं झगड़े। बस चिकित्सक एसके सिंह का व्यवहार बेहद ही खराब था। उनके कंपाउडर ने कहा कि राम के नाम पर धंधा बना रखा है। बस इसी पर थोड़ी गरमा गरमी हो गई। बाद में खुद चिकित्सक ने भी इस पर माफी मांगी। 51 हजार रुपये हमने बिल्कुल नहीं मांगे और इससे पहले भी उन्होंने कोई पैसा नहीं दिया। इस हंगामे के बाद वे 51 सौ रुपये निधि में दे रहे थे पर हमने उससे भी इंकार कर दिया - भूदेव सिंह चौहान मंडल उपाध्यक्ष भाजपा
विज्ञापन

कोई ज्यादा बड़ा मामला नहीं था। मैने मौके पर जाकर सभी को समझा दिया था। कई बार गलतफहमी हो जाती है। यह कार्यक्रम पूरी गंभीरता से चलाया जा रहा है। इसमें स्वेच्छा से जो कोई दे रहा है वही लिया जा रहा है। पैसे के दबाव का सवाल ही नहीं बनता - धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, महानगर अध्यक्ष भाजपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें