प्रधान डाक घर में फार्म जमा करने के लिए लगी कतार ।
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महज एक अफवाह पर डाकघरों में बेटियाें की कतारें लगने का सिलसिला सातवें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। फार्म जमा करने की एवज में सरकार से दो लाख रुपये मिलने की आस में करीब दो हजार बेटियों ने मंगलवार को ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान के फार्मों की रजिस्ट्री डाकघर पहुंचकर की।
खास बात यह है कि पूरा सप्ताह बीतने के बावजूद प्रशासन इस अफवाह पर लगाम लगाने में नाकाम है। अफवाह फैलाने वालों को ट्रेस करना तो दूर उन्हें खोजने की कोशिश भी ढंग से शुरू नहीं हुई है। वहीं मंगलवार को रजिस्ट्री करने आए लोगों ने कहा कि डीएम यहां आकर कहें कि अफवाह है तो हम रजिस्ट्रियां करना बंद कर देंगे।
ऐन चुनाव के सीजन में सप्ताहभर पहले किसी ने अफवाह फैलाई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान फार्म भरकर महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को भेजने वाली बेटियों को दो - दो लाख रुपये सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
तेजी से एक फार्म भी सामने आया, जिसे पहले 100 रुपये प्रति फार्म और फिर 50 से 20 रुपये प्रति फार्म तक बेचा गया। तभी से ये फार्म धड़ल्ले से बिक रहे हैं और फार्म की रजिस्ट्री करने के लिए सुबह पांच बजे से ही डाकघर के बाहर लड़कियों की कतारें लग जाती हैं।
मंगलवार को भी यही हाल रहा। सुबह पांच बजे से तमाम लड़कियां पोस्ट आफिस पहुंची ताकि पोस्टआफिस खुलते ही पहले उनकी बारी आ जाए। ‘अमर उजाला’ टीम ने जब लाइन में लगी लड़कियों से पूछा कि एक अफवाह पर क्यों वो अपना वक्त और रजिस्ट्री में पैसे खर्च कर रही हैं तो उनका जवाब था कि यदि यह महज अफवाह है तो डीएम खुद एक बार डाकघर आकर यह बोलें। इनका कहना था कि यदि यह महज अफवाह होती तो डाकघर पर रोज भीड़ नहीं उमड़ती।