दरअसल एग्रीमेंट की कॉपी न मिलने पर ‘एंग्री’ हुए थे डीएम। टोल वसूली कर रही कंपनी और हाईवे अथारिटी के बीच हुए एग्रीमेंट पर स्टांप ड्यूटी की गुंजाइश तलाशी जा रही थी। क्योंकि जो भी एग्रीमेंट होता है उस पर स्टांप शुल्क लिया जाता है। इस संबंध में कई दफा हाईवे अथारिटी को पत्र भेजे गए मगर जवाब नहीं मिला इससे गुस्साए डीएम ने फोरलेन पर टोल की वसूली ही रुकवा दी थी।
मुरादाबाद और बरेली फोरलेन को शुरू हुए एक साल बीत गया है। दो प्लाजा पर टोल की वसूली की जा रही है। मुरादाबाद में मूंढापांडे पर नियामतपुर इकरोटिया में टोल की वसूली की जाती है। दरअसल नियामतपुर में टोल की वसूली कर रही कंपनी और हाईवे अथारिटी के बीच जो एग्रीमेंट हुआ था उसकी कॉपी प्रशासन पिछले एक साल से मांग रहा है। निबंधन विभाग ने सर्कुलर जारी किया था कि जो एग्रीमेंट हुआ है उस पर स्टांप ड्यूटी ली जाएगी।
एग्रीमेंट को पंजीकृत कराया जाएगा। लिहाजा एग्रीमेंट को चेक कर लिया जाए। निबंधन विभाग ने इस पर डीएम जुहैर बिन सगीर को रिपोर्ट भेजी थी कि वह लगातार एग्रीमेंट की कापी मांग रहे हैं मगर उन्हें उपलब्ध ही नहीं कराई जा रही। इस पर खफा जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने रविवार की रात को करीब बारह बजे इस प्लाजा पर वसूली रुकवा दी थी।
यहां पुलिस तैनात कर दी गई। सभी वाहन बगैर टोल दिए ही गुजरते रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। हाईवे अथारिटी ने डीएम को पत्र भेजकर कहा कि वह पिछले साल एग्रीमेंट की कापी निबंधन विभाग को उपलब्ध करा चुके हैं। खैर किसी तरह से सोमवार की दोपहर को करीब बारह बजे प्लाजा पर टोल की वसूली शुरू हो पाई।