दिवाली से पहले सुख, समृद्धि और वैभव के घर आगमन की कामना के साथ धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। धनतेरस पर सामान खरीदने से घर में लक्ष्मी का आगमन माना जाता है। ऐसे में जमकर खरीददारी होती है। जिसके लिए बाजार नए नए आइटम लेकर लुभाने के लिए तैयार है।
विशेष रूप से ज्वैलरी बाजार में आए नए आइटम दिवाली को खास बनाने जा रहे हैं। धनतेरस पर सोने या चांदी की खरीददारी करना शुभ काम माना जाता है। इस दिन खरीददारी करने से घर में तरक्की का पूरक माना जाता है तो दिवाली पर पूजन के लिए सोने या चांदी के सिक्के धनतेरस पर खरीदे जाते हैं।
इसी बहाने लोग अपने घर में पुराने सामान हटाकर नए सामान लाते हैं। इस समय बाजार पूरी तरह से तैयार हैं हर दुकान सजाई जा रही है। सामानों को प्रेजेंटेशन के लिए बाहर रखा गया है। ज्वैलर्स भी इस अवसर का फायदा उठाने के लिए मौका नहीं छोड़ना चाहते।
यही कारण कि हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए आइटम भी उन्होंने रखे हैं। इसमें पूजा के लिए अलग अलग डिजाइन के चांदी के सिक्के, हटरी के अलावा लक्ष्मी गणेश की छोटी बड़ी मूर्ति। जो पांच सौ रुपये से लेकर पचास हजार तक की रेंज में हैं।
सिक्के खरीदने के चलन के कारण बाजार में ज्वैलर्स भी सिक्कों का पहले से ही स्टोर करते हैं। परंपरागत सिक्कों के साथ ही डिजाइनर सिक्के भी बाजार में आए हैं। ज्वैलर्स का मानना है कि अधिकांश लोग आज भी अपनी बचत का कुछ हिस्सा सोने चांदी के रूप में स्टोर करते हैं।
यही कारण है पूजा के लिए सिक्के खरीदने के साथ ही खूबसूरत डिजाइन में उपलब्ध सिक्कों को देखकर लोग उन्हें भी खरीदते हैं। इसके अलावा कुछ लोग अंग्रेजों के जमाने के इंग्लैंड की महारानी की छाप वाले सिक्के की डिमांड करते हैं।
ज्वैलर्स पुराने सिक्के भी जमा करके रखते हैं। लोगों का मानना है कि इनकी शुद्धता 100 प्रतिशत तक होती है। कुछ लोग इन्हें बेच जाते हैं। इनकी कीमत नए की तुलना में 100 रुपये तक ज्यादा है। वहीं ज्वैलर्स उसी डिजाइन के सिक्के बनाकर रखते हैं।