बेसिक शिक्षा के कार्यक्रम और योजनाएं लेट-लतीफी से घिरी रहती हैं। इस बार की यह देरी दिव्यांग बच्चों की खुशियों और उमंगों पर भारी पड़ गई। तीन दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के कार्यक्रम का निर्देश और बजट स्वीकृति का आदेश इतने विलंब से आया कि रविवार को जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं ही नहीं हो पाईं।
अब विभागीय अधिकारी इस कार्यक्रम को 20 दिसंबर को करने की योजना बना रहे हैं। सर्वशिक्षा की राज्य परियोजना की अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा की ओर से तीन दिसंबर को दिव्यांगजन दिवस पर जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाने का एक पत्र एक दिसंबर को आया था। शिक्षा विभाग के अधिकारी दिनभर मतगणना में लगे रहे।
ऐसे में उनके पास तैयारी करने के लिए शनिवार का दिन था। इस दिन अवकाश हो जाने की वजह से योजना नहीं बन सकी 49 हजार रुपये बजट हुआ था स्वीकृत
अपर निदेशक ने तीन दिसंबर को जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत निबंध व कला प्रतियोगिता, कुर्सी दौड़, ट्राई साइकिल रेस, रस्साकसी प्रतियोगिता, अक्षम बच्चों के लिए छूकर पहचानो, गायन, नृत्य व फुटबाल प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए थे।
इसके लिए 49 हजार रुपये बजट स्वीकृत हुआ। इसमें 16 हजार रुपये टेंट, मेज-कुर्सी, 15 हजार रुपये जलपान व लंच व्यवस्था, छह हजार रुपये पुरस्कार वितरण, पांच हजार प्रतियोगिता से संबंधित सामग्री व स्टेशनरी, पांच हजार रुपये बच्चों के आवागमन और दो हजार रुपये फोटोग्राफी का बजट शामिल था। जिला समन्वयक तारा सिंह ने बताया कि शुक्रवार देर रात आदेश मिला था। शनिवार को अवकाश होने की वजह से तैयारियों का समय नहीं मिल पाया। अब यह कार्यक्रम 20 दिसंबर को कराना प्रस्तावित है।