मुरादाबाद। टीएमयू मेडिकल कालेज के दो डाक्टर और 18 अन्य स्वास्थ्य कर्मी जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल को कोविड हॉस्पिटल के रूप में अधिग्रहीत करने के बाद से ही गैरहाजिर हैं। जिला प्रशासन ने महामारी अधिनियम के तहत टीएमयू मेडिकल कालेज के हास्पिटल को चिकित्सकों और स्टाफ समेत अधिग्रहीत किया था। स्टाफ को छुट्टी दिए जाने पर प्रशासन की ओर से रोक लगा दी गई थी। डीएम ने बताया कि इसके बावजूद अस्पताल के दो डाक्टर और 18 स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी से गैरहाजिर हो गए। इन्हें नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम ने आखिरी नोटिस भेजकर इन्हें चेतावनी दी है कि यदि दो मई तक इन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की तो इनके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
डीएम राकेश कुमार सिंह की ओर से टीएमयू के जिन डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है उनमें डा. रितिका गर्ग, डा. शिवानु मैथन, धीर सिंह, अतिया नूर, रेनु पाल, विवेक कुमार, लवी सिंह, रीना, नईम अहमद, कैलाश, मुजम्मिल हुसैन, कल्पना कुमारी, नीतीश कुमार, नीरज कुमार, प्राची, गौतम सागर, चंद्रभान, मौ. जाफिर, मौ. कय्यूम और फिजा शामिल हैं। डीएम ने बताया कि यदि यह डाक्टर और कर्मचारी दो मई तक ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं तो इनके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 एवं उत्तर प्रदेश महामारी अधिसूचना 2020 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके अलावा भी जिन अन्य अस्पतालों का अधिग्रहण किया है उनके स्टाफ की छ्टटी पर रोक लगा दी है। अधिग्रहीत किए जा चुके निजी अस्पतालों के डाक्टर व स्टाफ को छुट्टी अब जिला प्रशासन की अनुमति से ही दी जा सकेगी।