इस वार्ड में 10 बेड रखे जाएंगे। मरीजों को दर्द निवारक इंजेक्शन, अन्य दवाएं व व्यवहार थैरेपी भी दी जाएगी। अंतिम दिनों में मरीजों का आत्मविश्वास बढ़ाया जाएगा, जिससे उन्हें तकलीफ न हो। इसके लिए जिला अस्पताल के तृतीय तल पर व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। जिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि कैंसर की शुरुआती अवस्था में इलाज आसान होता है। जब बीमारी लाइलाज हो जाती है तो ऐसे मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत पड़ती है। पैलिएटिव केयर अस्पताल और घर दोनों ही जगहों पर दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पैलिएटिव केयर में मरीज के खाने की नली, यूरीन, स्टूल बैग के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाता है। इससे मरीज की दिक्कतें काफी हद तक कम हो जाती हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में आयुष्मान वार्ड भी तैयार किया जा रहा है। इसमें आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज पाने वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा। डॉक्टर ने बताया कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में इन दोनों वार्डों की शुरुआती की जा सकती है।