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Moradabad News: रात को 12 बजे फोन कर पूछा...मुझसे शादी करोगी

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मुरादाबाद।
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दोस्ती कब प्यार में बदल जाती है, पता ही नहीं चलता। निशांत और वाणी की प्रेम कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जिसमें निशांत वाणी को प्यार करते थे, लेकिन वाणी हमेशा निशांत को दोस्त समझकर अपनी बहनों का रिश्ता लाती थीं। वेलेंटाइन वीक में प्रस्तुत है पांचवीं प्रेम कहानी...

आशियाना निवासी निशांत दीक्षित ने बताया कि वह 2013 में एक कॉलेज से बीकॉम कर रहे थे। उनकी ही क्लास में कटघर निवासी वाणी दीक्षित भी थीं। वाणी की सुंदरता और सादगी को देखते ही मुझे उससे प्यार हो गया था, लेकिन मैंने इजहार नहीं किया। धीरे-धीरे हम दोस्त बन गए। हमारी दोस्ती के बारे में वाणी के घरवालों को भी पता था।
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वाणी ने बताया कि निशांत के परिवार की ओर से उनका रिश्ता मेरी ताईजी की एक रिश्तेदार के लिए आया था। मेरी ताईजी और ताऊजी निशांत से मिलना चाहते थे। उनके कहने पर मैंने निशांत को अपने घर बुलाया था। वहां सभी इनको देख रहे थे तो यह असहज हो गए। इन्होंने मुझसे कहा कि मुझे ऐसे क्यों देख रहे थे। इस पर मैंने रिश्ते वाली बात बताई तो यह नाराज हो गए और कहा कि मुझे शादी नहीं करनी है। सभी को लगा कि लड़का शायद अभी शादी नहीं करना चाहता है। कुछ दिन बाद मेरी मम्मी ने अपनी बहन की बेटी के लिए बात चलाई। मैंने फिर निशांत को बताया और लड़की की खूब तारीफ की। इन्होंने फिर इन्कार कर दिया। तब तक इनके मन में क्या है, इन्होंने मुझे नहीं बताया था। मैं भी एक दोस्त होने के नाते इसके रिश्ते की बात करती थी। कुछ महीने बाद यह एक फंक्शन में गए थे और वहीं से रात को 12 बजे मुझे फोन किया और सीधा पूछ लिया कि मुझसे शादी करेगी। मैं तुम्हारी बहनों को नहीं, तुम्हें पसंद करता हूं। मैंने कहा कि निशांत यह क्या कह रहे हो। तुम तो मेरे दोस्त हो न। इस पर इन्होंने कहा कि मुझे तुमसे ही शादी करनी है। इस पर मैंने कहा कि यदि मेरे पापा को तुम पसंद आओगे तो मैं शादी कर लूंगी।


पापा बोले अरे..यह तो मेरी शिक्षक का बेटा है
वाणी ने बताया कि एक दिन मम्मी ने पापा को निशांत के बारे में बताया तो पापा ने फोटो देखा और पूछा कि इसकी मम्मी का क्या नाम है। मम्मी ने बताया कि रेनुका दीक्षित है। पापा ने कहा कि अरे यह तो मेरी शिक्षक हैं। मैं इससे अपनी बेटी की शादी करने के लिए तैयार हूं। घरवालों की सहमति से हमारी शादी 20 नवंबर 2021 हो गई।
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हर कदम पर दिया साथ
निशांत ने बताया कि मेरे मम्मी-पापा नहीं है। ऐसे में वाणी ने मुझे पूरी तरह समझा और हर कदम पर साथ दिया। वह मेरी बहुत केयर करती है। मेरे परिवार को बखूबी संभाल लिया है। वहीं वाणी का कहना है कि दिल के बहुत साफ हैं। हर बात को बखूबी समझते हैं। मेरी बातें सुनते हैं और उसे पूरा करने में सहयोग देते हैं।
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