मुरादाबाद। प्रदूषण विभाग द्वारा महिला जिला अस्पताल और पुरुष जिला अस्पताल में किए गए निरीक्षण में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं मिलने के आरोप में अर्थदंड की संस्तुति की है।
मंगलवार को मुख्य पर्यावरण अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी आख्या में क्षेत्रीय अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि दोनों अस्पतालों को दो जुलाई को जल व वायु प्रदूषण के लिए सहमति पत्र लेने को नोटिस भेजा गया था, लेकिन इकाईयों ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद 12 सितंबर को किए गए निरीक्षण में जिला अस्पताल महिला में उत्प्रवाह शुद्धिकरण की व्यवस्था नहीं पाई गई। अशुद्धिकृत उत्प्रवाह के नमून में बीओडी की मात्रा 54 मिग्रा प्रति लीटर, सीओडी 280 मिग्रा प्रति लीटर, टीएसएस 114 मिग्रा प्रति लीटर पाए गए, जोकि बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक है। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 1343750 रुपये अर्थदंड की संस्तुति मांगी है।
वहीं, जिला अस्पताल पुरुष में भी 12 सितंबर को निरीक्षण में अशुद्धिकृत उत्प्रवाह के नमूने में बीओडी की मात्रा 62 मिग्रा प्रति लीटर, सीओडी 288 मिग्रा प्रति लीटर, टीएसएस 128 मिग्रा प्रति लीटर पाया गया, जो निर्धारित मानकों से अधिक है। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 1343750 रुपये जुर्माना लगाने संस्तुति भेजी है।