मुरादाबाद। कोरोना की चपेट में आने से मुरादाबाद के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) की मौत हो गई। पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद से ही वे बुखार से पीड़ित थे। सात मई को उनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। लखनऊ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार की रात को उन्होंने दम तोड़ दिया।
मूलरूप से सुल्तानपुर के रहने वाले सुशील कुमार उपाध्याय मुरादाबाद में जिला विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। हालांकि, हाल में वे परिवार के साथ लखनऊ शिफ्ट हो गए थे। उन्हें पंचायत चुनाव में भगतपुर टांडा ब्लॉक का नोडल अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने मतदान कराया और उसके बाद मतगणना की देखरेख की जिम्मेदारी भी निभाई। मतगणना के दिन से ही उनकी तबीयत खराब होनी शुरू हो गई थी। उन्होंने अपनी कोरोना की जांच कराई। सात मई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद वे लखनऊ चले गए थे। जहां एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। सांस लेने में तकलीफ अधिक बढ़ने की वजह से उनका सोमवार रात को उनका निधन हो गया। उनके निधन पर विकास भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें सीडीओ, परियोजना निदेशक सहित स्टाफ के सदस्य शामिल हुए। दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार, डीएम राकेश कुमार सहित जिले के आला अधिकारियों ने उनके निधन पर शोक जताया है। इसके अलावा मुुरादाबाद सहित जिले के सभी विकास खंडों पर शोक सभाएं कीं गईं।
सात मई को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद जिला विकास अधिकारी ने इसकी सूचना दी थी। उनका लखनऊ के अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार रात को उनके निधन की सूचना मिली। यह बेहद दुखद घटना है।
आनंद वर्धन, सीडीओ
लखनऊ (सुल्तानपुर) के विशेष ध्यानार्थ:: (डीडीओ की कोरोना से मौत के समाचार की सहयोगी खबर)
मुरादाबाद। कोरोना की चपेट में आकर जान गंवाने वाले जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) सुशील कुमार उपाध्याय का बेटे की शादी धूमधाम से करने का सपना अधूरा रह गया।
डीडीओ के स्टेनो सुरेंद्र गौतम ने बताया कि उनके बडे़ बेटे प्रणय की शादी चार मई को निर्धारित थी, लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने और पंचायत चुनाव की जिम्मेदारी आ जाने के कारण उन्होंने शादी दो माह के लिए टाल दी थी। संतानों के बीच शादी का पहला कार्यक्रम होने के कारण आयोजन को लेकर वह काफी उत्साहित थे लेकिन उनका सपना पूरा नहीं हो सका। गौतम ने बताया कि उनके निधन की जानकारी भी फोन पर उसी बेटे ने दी, जिसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। शोकाकुल कर्मचारियों ने बताया कि मुरादाबाद जिले में 23 अक्तूबर 2018 को उनकी तैनाती हुई थी। कहा कि काम के प्रति समर्पण के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।