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45 अनफिट अभ्यर्थियों को फिट करने से मचे बवाल में स्वास्थ्य विभाग में ही रार

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मुरादाबाद। पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के मंडलीय मेडिकल बोर्ड पर सवाल उठने के बाद पुलिस के स्तर से गोपनीय जांच शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग में रार हो गई है। जिला स्तरीय बोर्ड से रिजेक्ट 45 अभ्यर्थियों को मंडलीय बोर्ड ने क्लीन चिट देकर स्वस्थ घोषित कर दिया। दोबारा मेडिकल में अभ्यर्थियों के फिट होने पर मंडलीय बोर्ड और एडी कार्यालय के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार को लेकर अंगुली भी उठने लगी है। इससे एडी और जिला स्तरीय बोर्ड से अभ्यर्थियों को रिजेक्ट करने वाले डाक्टर भी आमने-सामने आ गए हैं। एडी हेल्थ ने जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड के आर्थो सर्जन पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि लापरवाही से स्वस्थ अभ्यर्थियों को रिजेक्ट कर दिया। आर्थो सर्जन ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के पैर टेढ़े मिले और चोट लगने के बाद आपरेशन हुआ था उन्हें रिजेक्ट किया है।
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दोबारा मेडिकल में फिट होने पर सवाल उठने के साथ शिकायत एसएसपी से की गई। पुलिस के स्तर पर गोपनीय जांच होने से मंडलीय बोर्ड और एडी कार्यालय के कर्मियों पर भ्रष्टाचार के आरोप के साथ अंगुली उठने लगी है। आरोप है कि इस धांधली के तार एडी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों से जुड़े हैं। कर्मचारियों ने ही बोर्ड में शामिल डाक्टरों से अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई। शुक्रवार को एडीए कार्यालय से लेकर पुलिस विभाग में दोबारा मेडिकल का मुद्दा छाया रहा। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर कोई जांच नहीं बैठाई गई है। एडी हेल्थ का कहना है जिसे आपत्ति है वह स्टेट बोर्ड के लिए अपील कर सकता है। भ्रष्टाचार के आरोप पर भी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कर सकता है।
यह है मामला
कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को मेडिकल जांच से गुजरना पड़ता है। सात से 11 सितंबर तक चयनित मुरादाबाद मंडल के 251 अभ्यर्थियों का पुलिस लाइन में मेडिकल किया गया। मेडिकल जिला स्तरीय बोर्ड के पुलिस अस्पताल के आर्थो सर्जन डा. अजय शर्मा, जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डा. एसके चौधरी और नेत्र रोग सर्जन डा. तेज सिंह के पैनल ने किया। मेडिकल प्रक्रिया में मंडल के 51 अभ्यर्थी रिजेक्ट हो गए। इनमें अधिकतर के पैरों में दिक्कत बताई गई। अभ्यर्थियों की अपील पर एडी हेल्थ डा. सत्य सिंह की ओर से पांच सदस्यीय मंडलीय मेडिकल बोर्ड बनाया गया। बोर्ड में रामपुर के आर्थो सर्जन, बिजनौर के नेत्र सर्जन, मुरादाबाद के ईएनटी और महिला चिकित्सक को शामिल किया। बोर्ड में खुद एडी हेल्थ बतौर आर्थो सर्जन शामिल रहे। 16 सितंबर को री मेडिकल में मंडलीय बोर्ड ने जिला स्तरीय बोर्ड से रिजेक्ट 51 अभ्यर्थियों में से 45 को क्लीन चिट देकर फिट करार कर दिया।
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- जिला स्तरीय बोर्ड में शामिल आर्थो सर्जन ने अभ्यर्थियों की टांगों को धनुष जैसा टेढ़ा बताकर रिजेक्ट कर दिया। इस तरह की शिकायत बुजुर्गों में होती है। रिजेक्ट अभ्यर्थियों की अपील पर मंडलीय मेडिकल बोर्ड बनाया गया। पांच सदस्यीय बोर्ड में वो खुद शामिल रहे। 16 सितंबर को पुलिस लाइन में वीडियोग्राफी के साथ अभ्यर्थियों का मेडिकल हुआ। पैर टेढ़े बताकर रिजेक्ट किए अभ्यर्थी सही पाए गए।
- डा. सत्य सिंह, एडी हेल्थ मुरादाबाद मंडल।
- अभ्यर्थियों की मेडिकल परीक्षण पारदर्शिता से किया गया। जिन अभ्यर्थियों के घुटने आपस में मिल रहे थे और टांगें टेढ़ी थी उनको रिजेक्ट किया गया। एक अभ्यर्थी के हाथ में पहले चोट लगी थी और आपरेशन हुआ था। कुछ अभ्यर्थियों के हाथ भी टेढ़े थे। मंडलीय बोर्ड ने उनको फिट कर दिया, वो कुछ नहीं कह सकते हैं।
- डा. अजय शर्मा, आर्थो सर्जन जिला स्तरीय बोर्ड
जिला बोर्ड पीपी सिंह और मंडलीय बोर्ड माधवी की देखरेख में बना
मुरादाबाद। पुलिस कांस्टेबल अभ्यर्थियों के मेडिकल के लिए जिला स्तरीय बोर्ड सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक पीपी सिंह की देखरेख में बनाया गया। इसमें तीन डाक्टर शामिल रहे। जबकि मंडलीय बोर्ड माधवी भारती की देखरेख में बना। माधवी से पहले बोर्ड का कार्य लक्की चौहान देखते थे। मंडलीय बोर्ड में एडी समेत पांच डाक्टर शामिल रहे।
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