सिविल लाइन स्थित नर्सरी की बेशकीमती जमीन पर मालिकाना हक को लेकर नगर निगम और दूसरे पक्ष के बीच हंगामा और जमकर नारेबाजी हुई। कुछ ही देर में घटना स्थल पर नगर आयुक्त और महापौर भी पहुंच गए। डीएम और और एसएसपी को भी पूरी जानकारी देे दी गई। दोपहर से शाम चार बजे तक कर्मचारियों की संख्या बढ़ती गई और हंगामा होता रहा। सफाई कर्मचारी गेट के बीच में खड़े हो गए। जिसकी वजह से पुलिस कब्जा दिलाने की कार्रवाई नहीं कर सकी और लौट गई।
वहीं दूसरी ओर नगर निगम स्वच्छता सहयोग संघ के नेता ओमीचंद ने अपने दर्जनों साथियों के साथ उक्त भूमि पर डेरा डाल दिया है। अपर नगर आयुक्त एसके श्रीवास्तव का कहना है कि सिविल लाइन क्षेत्र में नगर निगम नर्सरी नजूल की करीब 22 करोड़ रुपये की 22 सौ वर्ग गज भूमि है। इस पर कब्जा लेने के लिए सोमवार दोपहर केंद्रीय पुलिस चिकित्सालय निवासी रणवीर सिंह रावत, अनिल शंखधार और आबिद अली पुलिस फोर्स तथा अपने अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे।
इस सूचना के मिलते ही अपर नगर आयुक्त एस के श्रीवास्तव, नगर निगम के अधिवक्ता अनिल भटनागर और निगम के सैकड़ों कर्मचारी पहुंच गए। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि विपक्षियों ने फर्जी कागजात तैयार कर इस जमीन को अपने ही एक साथी केनाम दान दिखाकर न्यायालय में अभियोग डाल दिया। निगम को इनकी भनक तक नहीं लगने दी गई। जिसकी वजह से अदम पैरवी में एक पक्षीय निर्णय हो गया। सोमवार को इसकी जानकारी हुई तो नगर आयुक्त और महापौर ने अधिवक्ताओं का पैनल बना दिया है। इस मामले में निचली अदालत के निर्णय के खिलाफ हायर कोर्ट में अपील की जाएगी।