बिलारी। नगर में मुरादाबाद-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित मोहल्ला हर्षनगर वाले श्मशान में बीते एक माह से गंदा पानी आ रहा है। श्मशान परिसर में कई समाधियां भी गंदे पानी में डूबने की स्थिति में हैं। इस समस्या के समाधान को लेकर जनप्रतिनिधि और नगरपालिका के अधिकारी उदासीन नजर आ रहे हैं।
मोहल्ला हर्षनगर वाले श्मशान को बिलारी नगर का मुख्य श्मशान माना जाता है। यहां आए दिन नागरिक अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने पहुंचते रहते हैं। लोगों ने बताया कि एक माह पहले श्मशान के दक्षिण की दिशा में कुछ लोगोंं द्वारा चहारदीवारी बनाई गई, इस वजह से मलबा गिरने से नाला बंद हो गया। श्मशान के सामने जब नाले में पानी का दबाव बढ़ा, तब नाला और चहरदीवारी टूट गई। नाला टूटते ही समस्त गंदा पानी श्मशान परिसर में भर गया।
श्मशान परिसर में ही काली मंदिर, भोले नाथ मंदिर, भेरोबाबा मंदिर और माता मसानी का मंदिर है। इन मंदिरों के आगे लगातार गंदा पानी भरा हुआ है और मंदिरों की सीढि़यों के करीब तक पहुंच गया है।
बीते लगभग आठ वर्ष से हर्षनगर श्मशान की देखभाल कर रहे बाबा भगवान नाथ ने बताया कि श्मशान परिसर में और मंदिरों के आगे लगातार गंदा पानी भरे होने की समस्या के समाधान के लिए वह पालिका प्रतिनिधियाें और नगर के कई जन संगठनों के पदाधिकारियों से अनुरोध कर चुके हैं। जब भी नगरवासी किसी शव का अंतिम संस्कार करने श्मशान में आते तब भी वह इस समस्या की ओर नागरिकों का ध्यान दिलाते हैं, लेकिन कोई भी समस्या का समाधान कराने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
क्या कहते हैंं जन संगठन और पालिका अधिकारी
उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जैन का कहना है कि हर्षनगर शमशान परिसर में गंदा पानी भरा होने की समस्या दूर करने की सीधी जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की है। व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधि मंडल इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही पालिकाध्यक्ष और ईओ से मिलेगा।
नागरिक मंच बिलारी के अध्यक्ष संजय सक्सेना का कहना है कि बिलारी नगर में हिंदुओं के मुख्य मुक्ति स्थल परिसर में गंदा पानी भरा होना शर्मिंदगी की बात है।
-
भाजपा के बिलारी मंडल अध्यक्ष विकास गुप्ता एडवोकेट का कहना है कि हर्षनगर शमशान परिसर में गंदा पानी भरा होने की समस्या से उन्होंने एसडीएम बिलारी को अवगत कराया है। मौके की वीडियो और फोटो भी एसडीएम को भेजे हैं।
सनातन धर्मार्थ ट्रस्ट बिलारी के अध्यक्ष पंकज चौहान का कहना है कि बीते कई वर्षों से हर्षनगर शमशान की देखभाल के लिए कोई विधिवत कमेटी न होने की वजह से वह स्वयं देखभाल कर रहे हैं। शमशान के कुछ निचले हिस्से में मिट्टी डलवाई है, शेष भाग में भी मिट्टी डलवाई जाएगी।
कोट -
उपजिलाधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि नागरिकों ने फोन करके उन्हें श्मशान में जलभराव की समस्या बताई है। समस्या का स्थायी समाधान कराने के लिए पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी से बात की है।
कोट
नगरपालिका परिषद बिलारी के अध्यक्ष रघुराज सिंह यादव का कहना है कि उन्होंने हर्षनगर शमशान के सौंदर्यीर्ण के लिए प्रदेश शासन से 35 लाख रुपये और श्मशान के निकट नाला निर्माण के लिए 42 लाख रुपये स्वीकृत करा दिए हैं। दिसंबर माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करके मौके पर काम शुरू करा दिया जाएगा।