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अलविदा ट्रैजेडी किंग: दिलीप कुमार ने दी थी सीख...अच्छा होना मुश्किल है, आप कोशिश करो कि कम बुरे रहो

Thu, 08 Jul 2021 02:16 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

"अच्छा होना मुश्किल है, आप कोशिश करो कि कम बुरे रहो"...दिलीप कुमार की यह सीख आज तक नहीं भूले रजा मुराद। दिलीप कुमार के देहांत के बाद उनसे जुड़ी यादों को रजा मुराद ने साझा किया।
 
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दिलीप कुमार - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अच्छा इंसान बनना बहुत मुश्किल है। इस दुनिया में कोई अच्छा इंसान नहीं है, सब बुरे हैं। तुम्हारी कोशिश ये हो कि तुम कम बुरे हो। दिलीप कुमार की यह नसीहत रजा मुराद आज तक नहीं भूले। दिलीप के साथ जुड़ी तमाम यादों को रजा मुराद ने अमर उजाला के साथ साझा किया।
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मूल रूप से रामपुर के रहने वाले बॉलीवुड के कलाकार रजा मुराद का कहना है कि हमने तो अभिनय ही दिलीप कुमार को देखकर सीखा। हमारे वालिद मुराद खान ने दिलीप कुमार के साथ यहूदी, अंदाज, दिल दिया दर्द लिया, हलचल समेत कई फिल्मों में काम किया था। 

हमने कानून अपना अपना एक ही फिल्म में उनके साथ काम किया, लेकिन दिलीप कुमार के साथ काम करना या उनसे मुलाकात के दौरान बातचीत में ही अभिनय की वो बारीकियां सीखी जा सकती थीं, जो कि बड़े-बड़े अभिनय के संस्थान न सिखा पाएं।
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दिलीप कुमार एक अभिनेता नहीं वो अपने आप में एक एक्टिंग की यूनिवर्सिटी थे। उस समय में कोई ऐसा अभिनेता नहीं था, जो उनके अभिनय संस्थान का विद्यार्थी नहीं रहा हो। रजा मुराद कहते हैं कि वैसे तो तमाम किरदार उनके अमर हैं लेकिन, अमर फिल्म का उनका किरदार वाकई में अमर रहेगा। 

वो  डूबकर अभिनय करते थे। उन्हें अधिक फिल्में करने की लालसा नहीं थी, इसलिए 75 साल के बड़े फिल्मी सफर में भी महज 70 फिल्में ही कीं। उन्हें मरहूम कहा ही नहीं जा सकता क्योंकि, उनका व्यक्तित्व, फिल्मों के किरदार और सीख हमेशा अमर रहेगी। रजा मुराद बताते हैं कि एक बार एक पार्टी में दिलीप कुमार उनसे मिले थे। तब उन्होंने कहा था अच्छा होना बहुत मुश्किल है, सब बुरे हैं आजकल। आप कोशिश कीजिए कि आप कम बुरे हों।

आज भी याद है वो पल जब दिलीप साहब  की गोद से नहीं आ रही थी मेरी मासूम बेटी
रजा मुराद ने एक याद साझा करते हुए कहा कि फिल्म की शूटिंग के लिए वो अपनी डेढ़ साल की बेटी आयशा और पत्नी के साथ हैदराबाद गए हुए थे। उस फिल्म में दिलीप कुमार भी थे। 

शूटिंग से जैसे ही उनको ब्रेक मिलता वो तुरंत उनकी डेढ़ साल की बेटी आयशा के साथ खेलने लगते थे। रूमाल से कुछ न कुछ बनाकर आयशा को खिलाते। जब पैकअप हुआ तो आयशा उनकी गोद में चली गई और फिर मेरे पास भी नहीं आ रही थी। रजा मुराद ने कहा कि दिलीप कुमार उनकी बेटी को बड़ी बी कहकर पुकारते थे।
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दिलीप कुमार का निधन एक युग का अंत: जयाप्रदा

दिलीप कुमार के निधन पर फिल्म अभिनेत्री व पूर्व सांसद जयाप्रदा ने कहा कि दिलीप कुमार का निधन एक युग के अंत के समान है। कहा कि उनके साथ काम न करके भी कई लोगों ने उनके अभिनय को देखकर ही अभिनय की बारीकियां सीख लीं। जयाप्रदा ने कहा कि दिलीप कुमार के निधन से जो फिल्म इंडस्ट्री को नुकसान हुआ है उसकी  भरपाई हो पाना संभव नहीं है। 

उनकी मुगल-ए-आजम, क्रांति, सौदागर, गंगा जमुना, मजदूर जैसी कई फिल्मों ने न सिर्फ समाज को दिशा प्रदान की बल्कि फिल्म अभिनय के क्षेत्र में राह बनाने वाले कई अभिनेताओं का भी मार्गदर्शन किया। कहा कि मेरे उनसे पारिवारिक संबंध रहे। उनसे हर मुलाकात में अभिनय और कला को लेकर कुछ नया सीखने को मिलता था। 
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