मुरादाबाद में जामा मस्जिद चौराहे के पास जर्जर भवन शनिवार की दोपहर तीन बजे चार सेकंड में धराशायी हो गया। जिसका मलबा सामने की दुकानों और मकानों तक पहुंच गया। जिस वक्त भवन गिर रहा था, उस वक्त आस-पड़ोस में भी काफी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन कुछ लोगों के शोर मचाने पर वह रुक गए। मलबे की चपेट में आने से लोग और वाहन बच गए।
मुरादाबाद में जामा मस्जिद चौराहे के पास तीन मंजिला जर्जर भवन को खाली कराने में अगर जरा सी चूक हो जाती तो बड़ा हादसा हो जाता। शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल जामा मस्जिद क्षेत्र में देर रात तक चहल-पहल रहती है। ऐसे में किसी भी वक्त यह भवन गिरता तो जानमाल का भारी नुकसान होता। समय रहते प्रशासन और नगर निगम की सक्रियता ने हादसा बचा लिया।
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शहर में जामा मस्जिद रोड स्थित हमसफर मैरिज हॉल के पास शनिवार को तीन मंजिला भवन अचानक भरभराकर गिर गया। इसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। कुछ देर के लिए ट्रैफिक थम गया। राहत की बात यह रही कि प्रशासन द्वारा एक दिन पहले ही तीन मंजिला मकान को सील कराकर उसके आसपास आवागमन रोक दिया गया था।
शुक्रवार को सदर तहसील प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में भवन का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट में भवन की स्थिति को अत्यंत जर्जर पाया गया था। भवन नाले के किनारे स्थित होने और उसके कभी भी गिरने की आशंका जताई थी।
इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से इस भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही तहसील सदर प्रशासन ने लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर मुगलपुरा थाना प्रभारी को पत्र भेजकर भवन के आसपास किसी भी व्यक्ति के आवागमन पर रोक लगाने की बात कही गई थी।
एक दिन में गिराऊ हालत में नहीं पहुंचा भवन
मुरादाबाद। भरभराकर गिरा तीन मंजिला मकान कोई एक दिन में गिराऊ हालत में नहीं पहुंचा। बरसात में धीरे-धीरे मकान का एक हिस्सा धंसने लगा। नतीजतन मकान एक ओर झुकने लगा। शनिवार हुई तेज बारिश के बीच मकान धराशायी मलबे में तब्दील हो गया।
चार सेकंड में धराशायी हो गया भवन, सामने की दुकानों और घरों में पहुंचा मलबा
जामा मस्जिद चौराहे के पास जर्जर भवन शनिवार की दोपहर तीन बजे चार सेकंड में धराशायी हो गया। जिसका मलबा सामने की दुकानों और मकानों तक पहुंच गया। जिस वक्त भवन गिर रहा था, उस वक्त आस-पड़ोस में भी काफी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन कुछ लोगों के शोर मचाने पर वह रुक गए। मलबे की चपेट में आने से लोग और वाहन बच गए।
मुगलपुरा में जामा मस्जिद चौराहे के पास 130 गज जमीन पर 1982 में सुर्खी चूने से तीन मंजिल भवन तैयार कराया गया था। मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर आठ कमरे थे। जबकि भूतल पर सात दुकानें थीं। इनमें से पांच दुकानों को साजिद, मोहसिन, आजम अली, अनिल चलाते हैं। मकान काफी जर्जर स्थिति में था लेकिन नगर निगम ने इससे जर्जर घोषित नहीं किया था।
पिछले पांच दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मकान में दरारें पड़ गई थीं। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने मकान खाली करा दिया था। इसके अलावा दुकानों को नोटिस देकर दुकानें भी खाली करा दी गईं थीं। शनिवार की दोपहर फिर से बारिश शुरू हुई तो मकान मात्र चार सेकंड में धराशायी हो गया। मकान का मलबा सामने की दुकानों और मकानों से पहुंच गया। जिसकी चपेट में आने से कई लोग बच गए।
रास्ता बंद, देर रात तक हो रहा मलबा हटाने का काम
मकान के सामने वाली सड़क पर आवागमन बंद है। केवल नगर निगम के वाहनों से मलबे को हटवाया जा रहा है। मकान का जो हिस्सा गिरने से रह गया था। उससे भी गिरा दिया गया है।